Kailash Ke Nivasi Bhajan Lyrics भगवान शिव की महिमा और कैलाशपति महादेव के प्रति अटूट श्रद्धा को व्यक्त करने वाला एक भावपूर्ण भजन है। Osman Mir की आवाज़ में प्रस्तुत यह शिव भजन भक्तों को भोलेनाथ की भक्ति, आध्यात्मिक शांति और समर्पण की भावना से जोड़ता है।
इस पोस्ट में पढ़ें कैलाश के निवासी के संपूर्ण हिंदी लिरिक्स, साथ ही Kailash Ke Nivasi Lyrics in Hindi और इस भक्तिमय शिव भजन के भावपूर्ण बोल। महादेव के भक्तों के लिए यह भजन भगवान शिव के दिव्य स्वरूप, कैलाश धाम और उनकी असीम कृपा का स्मरण करने का सुंदर माध्यम है।
हर हर महादेव! 🔱
Kailash Ke Nivasi Lyrics in Hindi
“कैलाश के निवासी” भजन में भगवान शिव को कैलाश पर्वत के स्वामी और भक्तों के आराध्य के रूप में स्मरण किया गया है। भजन के शब्द महादेव के प्रति प्रेम, विश्वास और पूर्ण समर्पण की भावना को उजागर करते हैं।
कैलाश के निवासी भजन के बोल
नीचे Kailash Ke Nivasi Bhajan Lyrics हिंदी में पढ़ें और भोलेनाथ की भक्ति में मन को एकाग्र करें।
भजन – कैलाश के निवासी लिरिक्स इन हिंदी
कैलाश के निवासी नमो बार बार हूँ,
नमो बार बार हूँ,
आयो शरण तिहारी भोले तार तार तू,
आयो शरण तिहारी शम्भू तार तार तू।
भक्तो को कभी शिव तुने निराश ना किया,
माँगा जिन्हें जो चाहा वरदान दे दिया,
बड़ा हैं तेरा दायजा, बड़ा दातार तू,
बड़ा दातार तू।
कैलाश के निवासी नमो बार बार हूँ,
आयो शरण तिहारी शम्भू तार तार तू।
बखान क्या करू तेरी राखो के ढेर का,
चपटी भभूत में हैं खजाना कुबेर का,
है गंग धार, मुक्ति द्वार, ओमकार तू,
ओमकार तू,
आयो शरण तिहारी प्रभु तार तार तू,
कैलाश के निवासी नमो बार बार हूँ,
आयो शरण तिहारी शम्भू तार तार तू।
क्या क्या नहीं दिया है हम क्या प्रमाण दे,
बसे गए त्रिलोक शम्भू तेरे दान से,
ज़हर पिया, जीवन दिया, कितना उदार तू,
कितना उदार तू।
आयो शरण तिहारी प्रभु तार तार तू,
कैलाश के निवासी नमो बार बार हूँ,
आयो शरण तिहारी शम्भू तार तार तू।
तेरी कृपा बिना न हीले एक ही अणु,
लेते हैं स्वास तेरी दया से तणु तणु,
कहे ‘दाद’ एक बार मुझको निहार तू,
मुझको निहार तू।
आयो शरण तिहारी प्रभु तार तार तू,
कैलाश के निवासी नमो बार बार हूँ,
आयो शरण तिहारी शम्भू तार तार तू।
कैलाश के निवासी नमो बार बार हूँ,
नमो बार बार हूँ।



