Masik Shivratri Puja Vidhi: मासिक शिवरात्रि पर शिवलिंग पूजन से आरती तक जानें सरल विधि

मासिक शिवरात्रि पूजन विधि में शिवलिंग का रुद्राभिषेक

Masik Shivratri Puja Vidhi में भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है। हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को आने वाली मासिक शिवरात्रि भक्तों के लिए भगवान शिव का ध्यान, व्रत, अभिषेक और रात्रि पूजन करने का अवसर मानी जाती है। इस दिन श्रद्धालु शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, पुष्प और अन्य पूजन सामग्री अर्पित करके भगवान शिव और माता पार्वती का स्मरण करते हैं।

इस लेख में आपको मासिक शिवरात्रि की पूजा विधि, आवश्यक पूजन सामग्री, शिवलिंग अभिषेक की प्रक्रिया, बेलपत्र अर्पित करने का तरीका, मंत्र जाप और आरती से जुड़ी जानकारी सरल भाषा में मिलेगी। यदि आप घर पर मासिक शिवरात्रि का पूजन करना चाहते हैं, तो इस क्रमबद्ध विधि की सहायता से अपनी पारिवारिक और धार्मिक परंपरा के अनुसार पूजा संपन्न कर सकते हैं।

मासिक शिवरात्रि पूजन विधि | Masik Shivratri Pujan Vidhi

मासिक शिवरात्रि के दिन भगवान शिव और माता पार्वती सहित शिव परिवार की पूजा करने की परंपरा है। इस अवसर पर भक्त व्रत रखते हैं, शिवलिंग का अभिषेक करते हैं और भगवान शिव की आराधना करते हैं। यहां मासिक शिवरात्रि की सरल और पारंपरिक पूजन विधि क्रमवार दी गई है।

मासिक शिवरात्रि पूजा विधि

1. व्रत का संकल्प लें

मासिक शिवरात्रि के दिन प्रातःकाल उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद श्रद्धापूर्वक भगवान शिव का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें।

2. शिव परिवार का पूजन करें

स्नान और व्रत का संकल्प लेने के बाद भगवान शिव के मंदिर जाएं। वहां भगवान शिव के साथ माता पार्वती, भगवान गणेश, भगवान कार्तिकेय और नंदी का भी श्रद्धापूर्वक पूजन करें।

3. शिवलिंग का रुद्राभिषेक करें

इसके बाद शिवलिंग का रुद्राभिषेक करें। अभिषेक के लिए जल, शुद्ध घी, दूध, शक्कर, शहद और दही आदि सामग्री का उपयोग किया जा सकता है। अभिषेक के दौरान भगवान शिव का स्मरण और मंत्र जाप करें।

4. बेलपत्र और धतूरा अर्पित करें

रुद्राभिषेक पूर्ण होने के बाद शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा और फल अर्पित करें। धार्मिक मान्यताओं में बेलपत्र और धतूरे को भगवान शिव की पूजा में विशेष महत्व दिया जाता है।

5. धूप, दीप और पुष्प अर्पित करें

अब भगवान शिव को श्रद्धापूर्वक धूप और दीप अर्पित करें। इसके बाद पुष्प चढ़ाकर भगवान शिव और माता पार्वती का ध्यान करें।

6. आरती और शिव स्तुति करें

पूजन के बाद भगवान शिव की आरती करें। अपनी श्रद्धा और परंपरा के अनुसार शिव पुराण का पाठ, श्री रुद्राष्टकम, शिव स्तुति या शिव चालीसा का पाठ भी कर सकते हैं।

7. दान-दक्षिणा करें

मासिक शिवरात्रि के अवसर पर दान-दक्षिणा करने की भी परंपरा है। अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या अन्य उपयोगी सामग्री का दान करें और भगवान शिव से परिवार के सुख-शांति की प्रार्थना करें।

॥ हर हर महादेव ॥

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