Shri Janakinatha Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi | श्री जानकीनाथ जी की आरती

Shri Janakinatha Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi – श्री जानकीनाथ जी की आरती

Shri Janakinatha Ji Ki Aarti भगवान श्री राम को समर्पित एक प्रसिद्ध भक्तिमय आरती है। भगवान श्री राम को माता सीता के पति होने के कारण श्रद्धापूर्वक जानकीनाथ भी कहा जाता है।

इस आरती में भगवान श्री राम के प्रति भक्त की श्रद्धा, समर्पण और भक्ति की भावना व्यक्त की जाती है। आरती में श्री राम के साथ माता सीता, लक्ष्मण जी, भरत जी, शत्रुघ्न जी और भगवान हनुमान का भी भक्तिमय स्मरण किया गया है।

इस लेख में आपको Shri Janakinatha Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi, श्री जानकीनाथ जी की आरती के संपूर्ण बोल, इसका भक्तिमय महत्व और भगवान श्री राम की आराधना से जुड़ी सामान्य जानकारी सरल भाषा में मिलेगी।

श्री जानकीनाथ जी की आरती

ॐ जय जानकीनाथा,
जय श्री रघुनाथा।
दोउ कर जोरें बिनवौं,
प्रभु! सुनिये बाता॥

॥ ॐ जय जानकीनाथा ॥

तुम रघुनाथ हमारे,
प्राण पिता माता।
तुम ही सज्जन-संगी,
भक्ति मुक्ति दाता॥

॥ ॐ जय जानकीनाथा ॥

लख चौरासी काटो,
मेटो यम त्रासा।
निशदिन प्रभु मोहि रखिये,
अपने ही पासा॥

॥ ॐ जय जानकीनाथा ॥

राम भरत लछिमन,
सँग शत्रुहन भैया।
जगमग ज्योति विराजै,
शोभा अति लहिया॥

॥ ॐ जय जानकीनाथा ॥

हनुमत नाद बजावत,
नेवर झमकाता।
स्वर्णथाल कर आरती,
करत कौशल्या माता॥

॥ ॐ जय जानकीनाथा ॥

सुभग मुकुट सिर, धनु सर,
कर शोभा भारी।
मनीराम दर्शन करि,
पल-पल बलिहारी॥

॥ ॐ जय जानकीनाथा ॥

जय जानकीनाथा,
हो प्रभु जय श्री रघुनाथा।
हो प्रभु जय सीता माता,
हो प्रभु जय लक्ष्मण भ्राता॥

॥ ॐ जय जानकीनाथा ॥

हो प्रभु जय चारौं भ्राता,
हो प्रभु जय हनुमत दासा।
दोउ कर जोड़े विनवौं,
प्रभु मेरी सुनो बाता॥

॥ ॐ जय जानकीनाथा ॥

॥ जय श्री राम ॥
॥ जय सिया राम ॥

श्री जानकीनाथ जी की आरती का भक्तिमय महत्व

श्री जानकीनाथ जी की आरती में भगवान श्री राम के प्रति श्रद्धा और समर्पण की भावना व्यक्त की जाती है।

भगवान श्री राम को सनातन परंपरा में धर्म, सत्य, मर्यादा और आदर्श जीवन के प्रतीक के रूप में श्रद्धापूर्वक स्मरण किया जाता है।

आरती के माध्यम से भक्त भगवान श्री राम के दिव्य स्वरूप का स्मरण करते हैं और श्रद्धा के साथ अपनी भक्ति व्यक्त करते हैं।

आरती का मुख्य उद्देश्य केवल शब्दों का पाठ करना नहीं, बल्कि शांत मन, विनम्रता और सच्ची श्रद्धा के साथ अपने आराध्य का स्मरण करना भी है।

जानकीनाथ किसे कहा जाता है?

“जानकी” माता सीता का एक प्रसिद्ध नाम है। माता सीता को मिथिला के राजा जनक की पुत्री होने के कारण जानकी भी कहा जाता है।

भगवान श्री राम माता सीता के पति हैं, इसलिए उन्हें श्रद्धापूर्वक जानकीनाथ कहा जाता है।

भक्ति परंपरा में भगवान श्री राम को रघुनाथ, रघुवर, रामचन्द्र और सीतापति सहित अनेक नामों से स्मरण किया जाता है।

Shri Janakinatha Ji Ki Aarti कब करें?

भक्त अपनी धार्मिक और पारिवारिक परंपरा के अनुसार श्री जानकीनाथ जी की आरती का पाठ या गायन कर सकते हैं।

सामान्य रूप से यह आरती निम्न अवसरों पर की जा सकती है:

  • दैनिक सुबह या शाम की पूजा के समय
  • भगवान श्री राम की विशेष पूजा के दौरान
  • राम नवमी के अवसर पर
  • भजन और कीर्तन के समय
  • धार्मिक कार्यक्रमों में
  • विशेष पारिवारिक पूजा के अवसर पर

पूजा और आरती का समय तथा विधि परिवार, क्षेत्र और धार्मिक परंपरा के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।

आरती के शब्दों का भक्तिमय भाव

भगवान श्री राम के प्रति समर्पण

आरती में भक्त भगवान श्री राम को अपने जीवन का सहारा मानते हुए श्रद्धा और विनम्रता के साथ उनका स्मरण करता है।

भक्ति परंपरा में अपने आराध्य के प्रति प्रेम और समर्पण को विशेष महत्व दिया जाता है।

श्री राम परिवार का स्मरण

इस आरती में भगवान श्री राम के साथ भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न का भी स्मरण किया गया है।

श्री राम परिवार भारतीय धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा में पारिवारिक प्रेम, कर्तव्य और आपसी सम्मान के भाव से जुड़ा हुआ माना जाता है।

माता सीता और भगवान हनुमान का स्मरण

आरती के अंतिम भाग में माता सीता और भगवान हनुमान का भी भक्तिमय स्मरण किया जाता है।

भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार श्री राम, माता सीता, लक्ष्मण जी और हनुमान जी की आराधना करते हैं।

भगवान श्री राम की आरती कैसे करें?

पूजा और आरती की विधि परिवार तथा धार्मिक परंपरा के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।

सामान्य रूप से भक्त निम्न प्रकार से श्रद्धापूर्वक पूजा कर सकते हैं:

  1. पूजा स्थान को स्वच्छ रखें।
  2. भगवान श्री राम और माता सीता का श्रद्धापूर्वक स्मरण करें।
  3. अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार पूजा सामग्री तैयार करें।
  4. शांत और एकाग्र मन से आरती का पाठ या गायन करें।
  5. आरती पूर्ण होने पर भगवान श्री राम को प्रणाम करें।
  6. अपनी धार्मिक और पारिवारिक परंपरा के अनुसार पूजा पूर्ण करें।

यदि आप किसी विशेष मंदिर, धार्मिक संस्था या पारिवारिक परंपरा का पालन करते हैं, तो उसी परंपरा को प्राथमिकता देना उचित है।

श्री जानकीनाथ जी की आरती के बाद क्या करें?

आरती पूर्ण होने के बाद भक्त भगवान श्री राम और माता सीता को श्रद्धापूर्वक प्रणाम कर सकते हैं।

इसके बाद कुछ समय शांत मन से प्रार्थना की जा सकती है।

आप सरल भाव से इस प्रकार प्रार्थना कर सकते हैं:

हे प्रभु श्री राम, हमें सत्य, धैर्य, विनम्रता और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दें। हमारे जीवन में प्रेम, सम्मान और सकारात्मकता का भाव बनाए रखें।

इसके बाद अपनी धार्मिक और पारिवारिक परंपरा के अनुसार पूजा पूर्ण की जा सकती है।

Shri Janakinatha Ji Ki Aarti से जुड़े सामान्य प्रश्न

श्री जानकीनाथ जी की आरती किस भगवान को समर्पित है?

यह आरती भगवान श्री राम को समर्पित है।

भगवान श्री राम को जानकीनाथ क्यों कहा जाता है?

माता सीता को जानकी भी कहा जाता है। भगवान श्री राम माता सीता के पति हैं, इसलिए उन्हें श्रद्धापूर्वक जानकीनाथ कहा जाता है।

श्री जानकीनाथ जी की आरती कब पढ़ी जा सकती है?

भक्त अपनी धार्मिक और पारिवारिक परंपरा के अनुसार दैनिक पूजा, राम नवमी, भजन-कीर्तन और अन्य धार्मिक अवसरों पर इस आरती का पाठ या गायन कर सकते हैं।

क्या यह आरती घर पर की जा सकती है?

हाँ, भक्त अपनी पारिवारिक और धार्मिक परंपरा के अनुसार घर पर श्रद्धा के साथ भगवान श्री राम की पूजा और आरती कर सकते हैं।

क्या आरती के शब्दों में अलग-अलग संस्करण मिल सकते हैं?

हाँ। विभिन्न क्षेत्रों और भक्तिमय परंपराओं में आरती के कुछ शब्दों या उच्चारण में थोड़ा अंतर देखने को मिल सकता है।

निष्कर्ष

Shri Janakinatha Ji Ki Aarti भगवान श्री राम के प्रति श्रद्धा, प्रेम और समर्पण व्यक्त करने वाली एक भक्तिमय आरती है।

इस आरती में भगवान श्री राम के साथ माता सीता, लक्ष्मण जी, भरत जी, शत्रुघ्न जी और भगवान हनुमान का भक्तिमय स्मरण किया गया है।

भक्त अपनी धार्मिक और पारिवारिक परंपरा के अनुसार इस आरती का पाठ या गायन कर सकते हैं और श्रद्धा तथा विनम्रता के साथ भगवान श्री राम का स्मरण कर सकते हैं।

॥ जय श्री राम ॥
॥ जय सिया राम ॥
॥ सिया राम जय राम जय जय राम ॥

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भगवान श्री राम और अयोध्या के बारे में अधिक जानें

भगवान श्री राम और अयोध्या से जुड़े धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थानों के बारे में अधिक जानकारी के लिए नीचे दिए गए आधिकारिक स्रोत देख सकते हैं।

Ayodhya Tourism – District Ayodhya, Government of Uttar Pradesh

Kanak Bhawan – District Ayodhya, Government of Uttar Pradesh

॥ जय श्री राम ॥
॥ जय सिया राम ॥

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