गंगा मैया की आरती माँ गंगा को समर्पित एक पावन और भक्तिमय आरती है। सनातन परंपरा में गंगा नदी को श्रद्धा और आस्था के साथ गंगा मैया के रूप में पूजा जाता है। भारतीय संस्कृति में गंगा का धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व विशेष माना जाता है।
भक्तजन गंगा तट पर पूजा, धार्मिक अनुष्ठान और आरती के अवसर पर श्रद्धा के साथ माँ गंगा का स्मरण करते हैं। गंगा आरती में माँ गंगा के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और भक्ति का भाव व्यक्त किया जाता है। आरती के माध्यम से भक्त पवित्र नदी और प्रकृति के प्रति अपने श्रद्धाभाव को भी प्रकट करते हैं।
इस पृष्ठ पर Ganga Maiya Ki Aarti Lyrics in Hindi सरल और स्पष्ट रूप में प्रस्तुत की गई है, ताकि पाठक आरती के बोल आसानी से पढ़ सकें और अपनी पूजा या धार्मिक अवसरों में शामिल कर सकें।
गंगा आरती भारतीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। आरती और पूजा की विधि अलग-अलग स्थानों, मंदिरों और पारिवारिक परंपराओं के अनुसार भिन्न हो सकती है।
हर हर गंगे।
गंगा मैया जी की आरती Lyrics in Hindi (Ganga Aarti)
हर हर गंगे, जय माँ गंगे,
हर हर गंगे, जय माँ गंगे॥
ॐ जय गंगे माता,
श्री जय गंगे माता।
जो नर तुमको ध्याता,
मनवांछित फल पाता॥
चंद्र सी ज्योत तुम्हारी,
जल निर्मल आता।
शरण पड़े जो तेरी,
सो नर तर जाता॥
॥ ॐ जय गंगे माता…॥
पुत्र सगर के तारे,
सब जग को ज्ञाता।
कृपा-दृष्टि तुम्हारी,
त्रिभुवन सुखदाता॥
॥ ॐ जय गंगे माता…॥
एक ही बार जो तेरी,
शरणागति आता।
यम की त्रास मिटाकर,
परम गति पाता॥
॥ ॐ जय गंगे माता…॥
आरती मात तुम्हारी,
जो जन नित्य गाता।
दास वही सहज में,
मुक्ति को पाता॥
॥ ॐ जय गंगे माता…॥
ॐ जय गंगे माता,
श्री जय गंगे माता।
जो नर तुमको ध्याता,
मनवांछित फल पाता॥
ॐ जय गंगे माता,
श्री जय गंगे माता॥
गंगा मैया की आरती का महत्व
गंगा मैया की आरती माँ गंगा को समर्पित एक भक्तिमय आरती है। भारतीय धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा में गंगा को श्रद्धा के साथ पवित्र नदी और माँ के स्वरूप में पूजा जाता है। इस आरती में माँ गंगा की महिमा, करुणा और पावन स्वरूप का स्मरण किया गया है।
गंगा आरती के माध्यम से भक्त माँ गंगा के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता और सम्मान व्यक्त करते हैं। गंगा नदी भारतीय सभ्यता, संस्कृति और धार्मिक परंपराओं से लंबे समय से जुड़ी रही है।
गंगा मैया की आरती कब करें?
भक्त अपनी श्रद्धा और स्थानीय परंपरा के अनुसार गंगा तट पर पूजा और आरती के समय इसका पाठ कर सकते हैं। धार्मिक अवसरों, गंगा स्नान और विशेष पूजा के समय भी श्रद्धालु माँ गंगा की आरती करते हैं।
गंगा आरती की विधि और समय अलग-अलग स्थानों तथा धार्मिक परंपराओं के अनुसार अलग हो सकते हैं।
गंगा आरती का धार्मिक महत्व
गंगा को सनातन परंपरा में पवित्रता, आस्था और आध्यात्मिकता से जोड़ा जाता है। गंगा मैया की आरती में उनके प्रति भक्ति और श्रद्धा का भाव व्यक्त किया जाता है।
माँ गंगा की आराधना के साथ नदी और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी का भाव रखना भी महत्वपूर्ण है।
गंगा मैया की आरती का पाठ
गंगा मैया की आरती का पाठ श्रद्धा और अपनी धार्मिक परंपरा के अनुसार किया जा सकता है। आरती के शब्दों और उनके भाव को समझकर पाठ करना भारतीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा को बेहतर ढंग से समझने में सहायक हो सकता है।
धार्मिक आरती और पूजा व्यक्तिगत आस्था एवं स्थानीय परंपराओं से जुड़ी होती हैं। इनकी विधि अलग-अलग स्थानों और परंपराओं में भिन्न हो सकती है।
हर हर गंगे।
Also Read
Hanuman Ji Ki Aarti
Shiv Ji Ki Aarti Lyrics
Santoshi Maa Aarti
Aarti Kunj Bihari Ki
Ram Chalisa Lyrics in Hindi & English



