Baba Balaknath Ji Ki Aarti Lyrics – बाबा बालक नाथ जी की आरती

Baba Balaknath Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi – बाबा बालकनाथ जी की आरती

बाबा बालक नाथ जी की आरती बाबा बालक नाथ जी को समर्पित एक भक्तिमय आरती है। उत्तर भारत की धार्मिक परंपराओं में बाबा बालक नाथ जी की श्रद्धापूर्वक पूजा की जाती है। भक्तजन अपनी आस्था और पारिवारिक परंपरा के अनुसार बाबा बालक नाथ जी का स्मरण करते हुए आरती का पाठ करते हैं।

इस आरती में बाबा बालक नाथ जी के प्रति श्रद्धा, भक्ति और समर्पण का भाव व्यक्त किया जाता है। धार्मिक अवसरों, पूजा और आरती के समय भक्तजन इसका पाठ या गायन कर सकते हैं।

इस पृष्ठ पर Baba Balaknath Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi सरल और स्पष्ट रूप में प्रस्तुत की गई है, ताकि श्रद्धालु आरती के बोल आसानी से पढ़ सकें और अपनी पूजा में शामिल कर सकें।

बाबा बालक नाथ जी से जुड़ी पूजा और धार्मिक परंपराएँ विभिन्न क्षेत्रों और परिवारों में अलग-अलग हो सकती हैं। आरती का पाठ व्यक्तिगत श्रद्धा और स्थानीय परंपरा के अनुसार किया जा सकता है।

जय बाबा बालक नाथ जी।

बाबा बालकनाथ जी की आरती Lyrics in Hindi (Baba Balaknath Ji Ki Aarti)

ॐ जय कलाधारी हरे,
स्वामी जय पौणाहारी हरे।
भक्त जनों की नैया,
भव से पार करे।
ॐ जय कलाधारी हरे॥

बालक उमर सुहानी,
नाम बालक नाथा।
अमर हुए शंकर से,
सुन के अमर गाथा॥
ॐ जय कलाधारी हरे॥

शीश पे बाल सुनहरी,
गले रुद्राक्षी माला।
हाथ में झोली, चिमटा,
आसन मृगशाला॥
ॐ जय कलाधारी हरे॥

सुंदर सेली, सिंगी,
वैरागन सोहे।
गऊ पालक, रखवालक,
भगतन मन मोहे॥
ॐ जय कलाधारी हरे॥

अंग भभूत रमाई,
मूर्ति प्रभु रंगी।
भय भंजन, दुःख नाशक,
भरथरी के संगी॥
ॐ जय कलाधारी हरे॥

रोट चढ़त रविवार को,
फल, फूल, मिश्री, मेवा।
धूप-दीप कुण्डन से,
आनंद सिद्ध देवा॥
ॐ जय कलाधारी हरे॥

भक्तन हित अवतार लियो,
प्रभु देख के कल्लू काला।
दुष्ट दमन, शत्रुहन,
सबके प्रतिपाला॥
ॐ जय कलाधारी हरे॥

श्री बालकनाथ जी की आरती,
जो कोई नित गावे।
कहते हैं सेवक तेरे,
मनवांछित फल पावे॥
ॐ जय कलाधारी हरे॥

ॐ जय कलाधारी हरे,
स्वामी जय पौणाहारी हरे।
भक्त जनों की नैया,
भव से पार करे।
ॐ जय कलाधारी हरे॥

बाबा बालकनाथ जी की आरती का महत्व

बाबा बालकनाथ जी की आरती बाबा बालकनाथ जी को समर्पित एक पारंपरिक भक्तिमय आरती है। बाबा बालकनाथ जी की पूजा उत्तर भारत की धार्मिक और लोक-भक्ति परंपराओं में विशेष श्रद्धा के साथ की जाती है। इस आरती में बाबा के स्वरूप, गुणों और भक्तों के प्रति उनके संरक्षण भाव का स्मरण किया गया है।

बाबा बालकनाथ जी की आरती कब करें?

भक्त अपनी श्रद्धा और पारिवारिक परंपरा के अनुसार पूजा के समय बाबा बालकनाथ जी की आरती कर सकते हैं। रविवार सहित विभिन्न धार्मिक अवसरों पर बाबा की पूजा और आरती किए जाने की परंपरा कई स्थानों पर देखने को मिलती है।

आरती का समय और पूजा-विधि अलग-अलग क्षेत्रों, मंदिरों और परिवारों की परंपराओं के अनुसार भिन्न हो सकती है।

बाबा बालकनाथ जी का धार्मिक महत्व

बाबा बालकनाथ जी हिमाचल प्रदेश और उत्तर भारत की लोक-आस्था में श्रद्धा के प्रमुख केंद्रों में से एक हैं। उनसे जुड़ी धार्मिक परंपराओं में भक्ति, सेवा, श्रद्धा और साधना को विशेष महत्व दिया जाता है।

आरती के माध्यम से भक्त बाबा बालकनाथ जी का स्मरण करते हैं और अपनी श्रद्धा एवं प्रार्थना अर्पित करते हैं।

बाबा बालकनाथ जी की आरती का पाठ

बाबा बालकनाथ जी की आरती का पाठ श्रद्धा और अपनी धार्मिक परंपरा के अनुसार किया जा सकता है। आरती के बोल सरल रूप में ऊपर दिए गए हैं, जिससे श्रद्धालु इन्हें आसानी से पढ़ सकें।

धार्मिक पूजा-पद्धति और आरती की विधि स्थानीय मान्यताओं एवं पारिवारिक परंपराओं के अनुसार अलग हो सकती है।

जय बाबा बालकनाथ जी।

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