शनि देव जी की आरती (Shani Dev Ki Aarti) भगवान शनिदेव को समर्पित एक पावन आरती है। शनिवार के दिन श्रद्धा और भक्ति के साथ शनि देव की आरती करने से मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। भक्तजन भगवान शनिदेव से जीवन में आने वाली बाधाओं को दूर करने, सुख-समृद्धि, सफलता और न्याय की प्राप्ति के लिए प्रार्थना करते हैं।
इस पोस्ट में आप शनि देव जी की आरती, आरती का महत्व, भगवान शनिदेव की पूजा से जुड़ी मान्यताएं और शनिवार के दिन आरती करने की विधि के बारे में जान सकते हैं। श्रद्धापूर्वक शनि देव का स्मरण करके उनकी आरती करें और उनका आशीर्वाद प्राप्त करें।
जय श्री शनि देव महाराज।
ॐ शं शनैश्चराय नमः।
शनि देव जी की आरती
जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी
जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी।
सूर्यपुत्र प्रभु छाया महतारी॥
जय जय श्री शनिदेव…
श्याम अंग वक्र-दृष्टि चतुर्भुजा धारी।
नीलांबर धर नाथ गज की असवारी॥
जय जय श्री शनिदेव…
किरीट मुकुट शीश राजित दीपत है लिलारी।
मुक्तन की माला गले शोभित बलिहारी॥
जय जय श्री शनिदेव…
मोदक मिष्ठान्न पान चढ़त है सुपारी।
लोहा तिल तेल उड़द महिषी अति प्यारी॥
जय जय श्री शनिदेव…
देव दनुज ऋषि मुनि सुमिरत नर नारी।
विश्वनाथ धरत ध्यान शरण हैं तुम्हारी॥
जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी॥
शनि देव जी की आरती भगवान शनिदेव को समर्पित पावन आरती है। जानें शनि देव की आरती, पूजा विधि, महत्व, मंत्र और शनिवार की पूजा से जुड़ी पारंपरिक मान्यताएं।
शनि देव की पूजा विधि
- स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- पूजा स्थान को साफ करें।
- भगवान शनिदेव का स्मरण करें।
- दीपक जलाएं।
- शनि देव के मंत्र का जाप करें।
- श्रद्धापूर्वक आरती करें।
- भगवान शनिदेव से प्रार्थना करें।
- प्रसाद अर्पित करें।
शनि देव का मंत्र
ॐ शं शनैश्चराय नमः।
शनि देव की आरती करने का आध्यात्मिक महत्व
मन की शांति, श्रद्धा, आत्मचिंतन, अनुशासन और सकारात्मक सोच जैसे पहलुओं पर चर्चा करें। गारंटीड चमत्कार या निश्चित आर्थिक/स्वास्थ्य लाभ के दावे न करें।



