Shri Ganesh Namavali with Lyrics | श्री गणेश अष्टोत्तर शतनामावली | 108 Names Of Ganapati

Shri Ganesh Ashtottara Shatanamavali 108 Names of Ganapati Lyrics

Shri Ganesh Namavali (Ashtottara Shatanamavali) भगवान श्री गणेश के 108 पवित्र नामों का दिव्य स्तोत्र है, जिसमें विघ्नहर्ता गणपति के विभिन्न गुणों, रूपों और शक्तियों का सुंदर वर्णन किया गया है। श्री गणेश अष्टोत्तर शतनामावली का नियमित पाठ जीवन से बाधाओं को दूर करने, बुद्धि-विवेक की वृद्धि और शुभ कार्यों में सफलता के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है।

108 Names of Ganapati का जप विशेष रूप से गणेश चतुर्थी, बुधवार, संकष्टी चतुर्थी और किसी भी शुभ कार्य से पहले किया जाता है। यह नामावली भक्त के मन में श्रद्धा, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।

इस पोस्ट में आप Shri Ganesh Namavali with Lyrics को शुद्ध रूप में पढ़ेंगे और गणपति बप्पा के 108 दिव्य नामों के आध्यात्मिक महत्व को समझ पाएँगे।

Shri Ganesh Ashtottara Shatanamavali

श्री गणेश अष्टोत्तर शतनामावली | 108 Names of Ganapati

श्री गणेश के 108 नाम

गजानन
गणाध्यक्ष
विघ्नराज
विनायक
द्वैमातुर
द्विमुख
प्रमुख
सुमुख
कृती
सुप्रदीप
सुखनिधि
सुराध्यक्ष
सुरारिघ्न
महागणपति
मान्य
महाकाल
महाबल
हेरम्ब
लम्बजठर
ह्रस्वग्रीव
महोदर
मदोत्कट
महावीर
मन्त्री
मङ्गलस्वर
प्रमध
प्रथम
प्राज्ञ
विघ्नकर्ता
विघ्नहर्ता
विश्वनेत्र
विराट्पति
श्रीपति
वाक्पति
शृङ्गारी
अश्रितवत्सल
शिवप्रिय
शीघ्रकारी
शाश्वत
बल
बलोत्थित
भवात्मज
पुराणपुरुष
पूषा
पुष्करोत्षिप्तवारी
अग्रगण्य
अग्रपूज्य
अग्रगामी
मन्त्रकृत्
चामीकरप्रभ
सर्व
सर्वोपास्य
सर्वकर्ता
सर्वनेत्र
सर्वसिद्धिप्रद
सिद्धि
पञ्चहस्त
पार्वतीनन्दन
प्रभु
कुमारगुरु
अक्षोभ्य
कुञ्जरासुरभञ्जन
प्रमोद
मोदकप्रिय
कान्तिमान्
धृतिमान्
कामी
कपित्थपनसप्रिय
ब्रह्मचारी
ब्रह्मरूपी
ब्रह्मविद्यादिदानभू
जिष्णु
विष्णुप्रिय
भक्तजीवित
जितमन्मथ
ऐश्वर्यकारण
ज्यायस्
यक्षकिन्नरसेवित
गङ्गासुत
गणाधीश
गम्भीरनिनद
वटु
अभीष्टवरद
ज्योतिस्
भक्तनिधि
भावगम्य
मङ्गलप्रद
अव्यक्त
अप्राकृतपराक्रम
सत्यधर्मी
सखा
सरसाम्बुनिधि
महेश
दिव्याङ्ग
मणिकिङ्किणीमेखल
समस्तदेवतामूर्ति
सहिष्णु
सततोत्थित
विघातकारी
विश्वग्दृक्
विश्वरक्षाकृत्
कल्याणगुरु
उन्मत्तवेष
अपराजित
समस्तजगदाधार
सर्वैश्वर्यप्रद
आक्रान्तचिदचित्प्रभु
श्री विघ्नेश्वर


108 Powerful Ganesha Mantras

श्री गणेश के 108 नामों से जुड़े मंत्र

(आपका मंत्र भाग पूरी तरह correct है — केवल spacing, विराम और consistency maintain की गई है)

ॐ गजाननाय नमः
ॐ गणाध्यक्षाय नमः
ॐ विघ्नराजाय नमः
ॐ विनायकाय नमः
ॐ द्वैमातुराय नमः
ॐ द्विमुखाय नमः
ॐ प्रमुखाय नमः
ॐ सुमुखाय नमः
ॐ कृतिने नमः
ॐ सुप्रदीपाय नमः
ॐ सुखनिधये नमः
ॐ सुराध्यक्षाय नमः
ॐ सुरारिघ्नाय नमः
ॐ महागणपतये नमः
ॐ मान्याय नमः
ॐ महाकालाय नमः
ॐ महाबलाय नमः
ॐ हेरम्बाय नमः
ॐ लम्बजठराय नमः
ॐ ह्रस्वग्रीवाय नमः
ॐ महोदराय नमः
ॐ मदोत्कटाय नमः
ॐ महावीराय नमः
ॐ मन्त्रिणे नमः
ॐ मङ्गलस्वराय नमः
ॐ प्रमधाय नमः
ॐ प्रथमाय नमः
ॐ प्राज्ञाय नमः
ॐ विघ्नकर्त्रे नमः
ॐ विघ्नहर्त्रे नमः
ॐ विश्वनेत्रे नमः
ॐ विराट्पतये नमः
ॐ श्रीपतये नमः
ॐ वाक्पतये नमः
ॐ शृङ्गारिणे नमः
ॐ अश्रितवत्सलाय नमः
ॐ शिवप्रियाय नमः
ॐ शीघ्रकारिणे नमः
ॐ शाश्वताय नमः
ॐ बलाय नमः
ॐ बलोत्थिताय नमः
ॐ भवात्मजाय नमः
ॐ पुराणपुरुषाय नमः
ॐ पूष्णे नमः
ॐ पुष्करोत्षिप्तवारिणे नमः
ॐ अग्रगण्याय नमः
ॐ अग्रपूज्याय नमः
ॐ अग्रगामिने नमः
ॐ मन्त्रकृते नमः
ॐ चामीकरप्रभाय नमः
ॐ सर्वाय नमः
ॐ सर्वोपास्याय नमः
ॐ सर्वकर्त्रे नमः
ॐ सर्वनेत्रे नमः
ॐ सर्वसिद्धिप्रदाय नमः
ॐ सिद्धये नमः
ॐ पञ्चहस्ताय नमः
ॐ पार्वतीनन्दनाय नमः
ॐ प्रभवे नमः
ॐ कुमारगुरवे नमः
ॐ अक्षोभ्याय नमः
ॐ कुञ्जरासुरभञ्जनाय नमः
ॐ प्रमोदाय नमः
ॐ मोदकप्रियाय नमः
ॐ कान्तिमते नमः
ॐ धृतिमते नमः
ॐ कामिने नमः
ॐ कपित्थपनसप्रियाय नमः
ॐ ब्रह्मचारिणे नमः
ॐ ब्रह्मरूपिणे नमः
ॐ ब्रह्मविद्यादिदानभुवे नमः
ॐ जिष्णवे नमः
ॐ विष्णुप्रियाय नमः
ॐ भक्तजीविताय नमः
ॐ जितमन्मथाय नमः
ॐ ऐश्वर्यकारणाय नमः
ॐ ज्यायसे नमः
ॐ यक्षकिन्नरसेविताय नमः
ॐ गङ्गासुताय नमः
ॐ गणाधीशाय नमः
ॐ गम्भीरनिनदाय नमः
ॐ वटवे नमः
ॐ अभीष्टवरदाय नमः
ॐ ज्योतिषे नमः
ॐ भक्तनिधये नमः
ॐ भावगम्याय नमः
ॐ मङ्गलप्रदाय नमः
ॐ अव्यक्ताय नमः
ॐ अप्राकृतपराक्रमाय नमः
ॐ सत्यधर्मिणे नमः
ॐ सखये नमः
ॐ सरसाम्बुनिधये नमः
ॐ महेशाय नमः
ॐ दिव्याङ्गाय नमः
ॐ मणिकिङ्किणीमेखलाय नमः
ॐ समस्तदेवतामूर्तये नमः
ॐ सहिष्णवे नमः
ॐ सततोत्थिताय नमः
ॐ विघातकारिणे नमः
ॐ विश्वग्दृशे नमः
ॐ विश्वरक्षाकृते नमः
ॐ कल्याणगुरवे नमः
ॐ उन्मत्तवेषाय नमः
ॐ अपराजिते नमः
ॐ समस्तजगदाधाराय नमः
ॐ सर्वैश्वर्यप्रदाय नमः
ॐ आक्रान्तचिदचित्प्रभवे नमः
ॐ श्री विघ्नेश्वराय नमः

Ganesha

❓ FAQs

1. Shri Ganesh Ashtottara Shatanamavali क्या है?

यह भगवान गणेश के 108 पवित्र नामों की नामावली है, जिसका जप विघ्नों को दूर करने और बुद्धि-विवेक बढ़ाने के लिए किया जाता है।


2. Ganesh Ashtottara Shatanamavali का पाठ कब करना चाहिए?

इस नामावली का पाठ बुधवार, गणेश चतुर्थी, संकष्टी चतुर्थी या किसी भी शुभ कार्य से पहले करना अत्यंत शुभ माना जाता है।


3. 108 नामों का जप क्यों किया जाता है?

108 को आध्यात्मिक रूप से पूर्ण संख्या माना जाता है। गणेश के 108 नामों का जप मन, बुद्धि और कर्म को शुद्ध करता है।


4. Ganesh Namavali के क्या लाभ हैं?

इसके नियमित पाठ से:

  • बाधाएँ दूर होती हैं
  • बुद्धि और एकाग्रता बढ़ती है
  • कार्यों में सफलता मिलती है
  • सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है

5. क्या Ganesh Ashtottara Shatanamavali घर पर पढ़ी जा सकती है?

हाँ, इसे घर पर भगवान गणेश के चित्र या मूर्ति के सामने श्रद्धा और शुद्ध मन से पढ़ा जा सकता है।

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