शिव पंचाक्षर स्तोत्र मंत्र का आरंभिक श्लोक “नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय” भगवान शिव की दिव्य महिमा, वैराग्य और करुणा का अत्यंत शक्तिशाली वर्णन करता है। यह स्तोत्र आदि शंकराचार्य द्वारा रचित माना जाता है और इसमें पंचाक्षर मंत्र “ॐ नमः शिवाय” का गूढ़ भाव समाहित है।
इस स्तोत्र का नियमित पाठ मन, शरीर और आत्मा को शुद्ध करता है, नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है और भक्त को शिव-तत्व से जोड़ता है। विशेष रूप से सोमवार, महाशिवरात्रि और प्रदोष व्रत के दिन इसका जप अत्यंत फलदायी माना गया है।
इस पोस्ट में आप Shiv Panchakshar Stotram Mantra के पूर्ण बोल, अर्थ और आध्यात्मिक महत्व को सरल भाषा में पढ़ सकते हैं।
शिव पंचाक्षर स्तोत्र लिरिक्स
(Shiv Panchakshar Stotra Lyrics in Hindi)
नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय
भस्माङ्गरागाय महेश्वराय ।
नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय
तस्मै नकाराय नमः शिवाय ॥
मन्दाकिनीसलिलचन्दनचर्चिताय
नन्दीश्वरप्रमथनाथमहेश्वराय ।
मन्दारपुष्पबहुपुष्पसुपूजिताय
तस्मै मकाराय नमः शिवाय ॥
शिवाय गौरीवदनाब्जवृन्दा
सूर्याय दक्षाध्वरनाशकाय ।
श्रीनीलकण्ठाय वृषध्वजाय
तस्मै शिकाराय नमः शिवाय ॥
वशिष्ठकुम्भोद्भवगौतमार्यमुनीन्द्र
देवार्चितशेखराय ।
चन्द्रार्कवैश्वानरलोचनाय
तस्मै वकाराय नमः शिवाय ॥
यज्ञस्वरूपाय जटाधराय
पिनाकहस्ताय सनातनाय ।
दिव्याय देवाय दिगम्बराय
तस्मै यकाराय नमः शिवाय ॥
पञ्चाक्षरमिदं पुण्यं यः पठेच्छिवसंनिधौ ।
शिवलोकमावाप्नोति शिवेन सह मोदते ॥
Shiv Panchakshar Stotra Lyrics in English
Nagendrahaaraya Trilochanaaya
Bhasmaangaraagaaya Maheshwaraaya |
Nityaaya Shuddhaaya Digambaraaya
Tasmai Nakaraaya Namah Shivaaya ||
Mandaakini-salila-chandana-charchitaaya
Nandishwara-pramatha-naatha-Maheshwaraaya |
Mandaarapushpa-bahu-pushpa-supoojitaaya
Tasmai Makaraaya Namah Shivaaya ||
Shivaaya Gaurivadanabja-vrindaa
Sooryaaya Dakshaadhvara-naashakaaya |
Shree-Neelakanthaaya Vrishadhvajaaya
Tasmai Shikaraaya Namah Shivaaya ||
Vashishtha-kumbhodbhava-Gautamaarya-muni-indra
Devaarchita-shekharaaya |
Chandraarka-vaishvaanara-lochanaaya
Tasmai Vakaraaya Namah Shivaaya ||
Yajna-swaroopaaya Jataadharaaya
Pinaaka-hastaaya Sanaatanaaya |
Divyaaya Devaaya Digambaraaya
Tasmai Yakaraaya Namah Shivaaya ||
Panchaksharamidam Punyam Yah Pathet Shiva-sannidhau |
Shivalokam Avaapnoti Shivena Saha Modate ||
Wikipedia – Panchakshari Mantra (ॐ नमः शिवाय)
❓ Frequently Asked Questions (FAQs)
1. Shiv Panchakshar Stotra क्या है?
Shiv Panchakshar Stotra भगवान शिव की स्तुति में रचित एक प्रसिद्ध स्तोत्र है, जो पंचाक्षर मंत्र “ॐ नमः शिवाय” के भाव और महिमा को दर्शाता है।
2. “Nagendra Haraya Trilochanaya” का क्या अर्थ है?
यह पंक्ति भगवान शिव के स्वरूप का वर्णन करती है —
जो नाग को हार के रूप में धारण करते हैं, तीन नेत्रों वाले हैं और महादेव के रूप में पूजित हैं।
3. Shiv Panchakshar Stotra किसने रचा?
इस स्तोत्र को आदि शंकराचार्य द्वारा रचित माना जाता है, जो अद्वैत वेदांत के महान आचार्य थे।
4. Shiv Panchakshar Stotra का पाठ कब करना चाहिए?
इस स्तोत्र का पाठ विशेष रूप से:
- सोमवार
- महाशिवरात्रि
- प्रदोष व्रत
- या प्रतिदिन प्रातःकाल
करना अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है।
5. Shiv Panchakshar Stotra के क्या लाभ हैं?
इस स्तोत्र के नियमित पाठ से:
- मानसिक शांति मिलती है
- नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है
- भक्ति और आत्मिक बल बढ़ता है
- शिव कृपा प्राप्त होती है
6. क्या Shiv Panchakshar Stotra का पाठ घर पर किया जा सकता है?
हाँ, इस स्तोत्र का पाठ घर पर, शिवलिंग या शिव चित्र के समक्ष, पूरी श्रद्धा और शुद्ध मन से किया जा सकता है।
7. Shiv Panchakshar Stotra और पंचाक्षर मंत्र में क्या संबंध है?
Shiv Panchakshar Stotra के प्रत्येक श्लोक में पंचाक्षर मंत्र के अक्षरों —
न, म, शि, व, य — की महिमा का वर्णन किया गया है।



