माँ शाकंभरी देवी शक्ति की वह स्वरूप हैं जिन्होंने अकाल के समय पृथ्वी पर शाक-सब्ज़ियों को उत्पन्न कर प्राणियों का पालन किया।
सनातन धर्म में उन्हें अन्नपूर्णा स्वरूप और पालनहार देवी माना जाता है।
शाकंभरी माता चालीसा का पाठ विशेष रूप से
- नवरात्रि
- शुक्रवार
- संकट, धन-अन्न की कमी और रोग के समय अत्यंत फलदायी माना जाता है।
Benefits of Shakambhari Mata Chalisa
- अन्न, धन और समृद्धि की प्राप्ति
- अकाल, कष्ट और दरिद्रता से रक्षा
- परिवार में सुख-शांति
- रोग, भय और बाधाओं का नाश
- माँ शाकंभरी की विशेष कृपा
Shakambhari Mata Chalisa (श्री शाकंभरी चालीसा)
॥ दोहा ॥
श्री गणपति गुरुपद कमल, सकल चराचर शक्ति।
ध्यान करिअ नित हिय कमल, प्रणमिअ विनय सभक्ति॥
आद्या शक्ति प्रधान, शाकंभरी चरण युगल।
प्रणमिअ पुनि करि ध्यान, नील कमल रुचि अति विमल॥
॥ चौपाई ॥
जय जय श्री शाकंभरी जगदम्बे,
सकल चराचर जग अविलम्बे॥
जयति सृष्टि पालन संहारिणी,
भव सागर दारुण दुःख हारिणी॥
नमो नमो शाकंभरी माता,
सुख सम्पत्ति भव विभव विधाता॥
तव पद कमल नमहिं सब देवा,
सकल सुरासुर नर गन्धर्वा॥
आद्या विद्या नमो भवानी,
तूँ वाणी लक्ष्मी रुद्राणी॥
नील कमल रुचि परम सुरूपा,
त्रिगुणा त्रिगुणातीत अरूपा॥
इन्दीवर सुन्दर वर नयना,
भगत सुलभ अति पावन अयना॥
त्रिवली ललित उदर तनु देहा,
भावुक हृदय सरोज सुगेहा॥
शोभत विग्रह नाभि गम्भीरा,
सेवक सुखद सुभव्य शरीरा॥
अति प्रशस्त धन पीन उरोजा,
मंगल मन्दिर बदन सरोजा॥
काम कल्पतरु युग कर कमला,
चतुर्वर्ग फलदायक विमला॥
एक हाथ सोहत हर तुष्टी,
दुष्ट निवारण मार्गन मुष्टी॥
अपर विराजत सुरुचि चापा,
पालन भगत हरत भव तापा॥
एक हाथ शोभत बहु शाका,
पुष्प मूल फल पल्लव पाका॥
नाना रस संयुक्त सो सोहा,
हरत भगत भय दारुण मोहा॥
एहि कारण शाकंभरी नामा,
जग विख्यात दत सब कामा॥
अपर हाथ बिलसत नव पंकज,
हरत सकल संतन दुःख पंकज॥
सकल वेद वन्दित गुण धामा,
निखिल कष्ट हर सुखद सुनामा॥
शाकंभरी शताक्षी माता,
दुर्गा गौरी हिमगिरि जाता॥
उमा सती चण्डी जगदम्बा,
काली तारा जग अविलम्बा॥
राजा हरिश्चन्द्र दुःख हारिणी,
पुत्र कलत्र राज्यसुख कारिणी॥
दुर्गम नाम दैत्य अति दारुण,
हिरण्याक्ष कुलजात अकारुण॥
उग्र तपस्या विधि वर पावा,
सकल वेद हरी धर्म नशावा॥
तब हिमगिरि पहुँचे सब देवा,
लागे करन मातु पद सेवा॥
प्रगट करुणामयि शाकंभरी,
नाना लोचन शोभिनी शंकरि॥
दुःखित देखि देवगण माता,
दयामयि हरि सब दुःख जाता॥
शाक मूल फल दी सुरलोका,
क्षुधा तृषा हरली सब शोका॥
नाम शताक्षी सब जग जाना,
शाकंभरी अपर अभिघाना॥
सुनि दुर्गम दानव संहारो,
संकट में सब लोक उबारो॥
किन्हीं तब सुरगण स्तुति-पूजा,
सुत पालिनी माता नहिं दूजा॥
दुर्गा नाम धरे तब माता,
संकट मोचन जग विख्याता॥
एहि विधि जब-जब उपजहिं लोका,
दानव दुष्ट करहिं सुर शोका॥
तब-तब धरि अनेक अवतारा,
पाप विनाशनि खल संहारा॥
पालहिं विबुध विप्र अरु वेदा,
हरहिं सकल संतन के खेदा॥
जय जय शाकंभरी जग माता,
तव शुभ यश त्रिभुवन विख्याता॥
जो कोई सुजस सुनत अरु गाता,
सब कामना तुरन्त सो पाता॥
नेति-नेति तुअ वेद बखाना,
प्रणव रूप योगी जन जाना॥
नहिं तुअ आदि मध्य अरु अन्ता,
मो जानत तुअ चरित्र अनन्ता॥
हे जगदम्ब दयामयि माता,
तू सेवत नहिं विपति सताता॥
एहि विधि जो तव गुण गण गाता,
सो इह सुखी परमपद पाता॥
॥ दोहा ॥
जो नित चालीसा पढ़हिं, श्रद्धा में नव बार।
शाकंभरी चरण युगल, पूजहिं भक्ति अपार॥
सो इह सुख सम्पत्ति लभहिं, ज्ञान शक्ति श्रुति सार।
बिनु श्रम तरहिं विवेक लहि, यह दुर्गम संसार॥
कृष्णानन्द अमन्द मुद, सुमति देहु जगदम्ब।
सकल कष्ट हरि तन-मन के, कृपा करहु अविलम्ब॥
॥ बोलो श्री शाकंभरी माता की जय ॥
❓ Frequently Asked Questions (FAQ)
Q1. Who is Shakambhari Mata?
Answer:
Shakambhari Mata is a divine form of Goddess Durga who nourished the world during famine by creating vegetables and food. She is worshipped as the goddess of nourishment, prosperity, and protection.
Q2. What is Shakambhari Mata Chalisa?
Answer:
Shakambhari Mata Chalisa is a sacred devotional hymn praising Maa Shakambhari. Reciting it brings food prosperity, peace, and relief from hardships.
Q3. When should Shakambhari Mata Chalisa be recited?
Answer:
Shakambhari Mata Chalisa is best recited on Fridays, during Navratri, on Shakambhari Jayanti, or whenever facing difficulties related to food, health, or stability.
Q4. What are the benefits of reading Shakambhari Mata Chalisa?
Answer:
Regular recitation helps remove poverty, food scarcity, fear, and suffering, while bringing abundance, family happiness, and divine protection.
Q5. Can Shakambhari Mata Chalisa be read daily?
Answer:
Yes, Shakambhari Mata Chalisa can be read daily with devotion. Daily chanting increases positivity, faith, and spiritual strength.
Q6. Is Shakambhari Mata Chalisa available in Hindi?
Answer:
Yes, Shakambhari Mata Chalisa is traditionally available in Hindi, and many devotees prefer reading it in its original Devanagari script for better chanting.
To learn more about the divine form and legends of Maa Shakambhari, you can read detailed information on Goddess Shakambhari available on Wikipedia.



