श्री सत्यनारायण पूजा विधि l Satyanarayan Puja Vidhi

श्री सत्यनारायण पूजा विधि मंत्र सहित

1. ध्यानम्

पूजा की शुरुआत भगवान सत्यनारायण के ध्यान से करनी चाहिए। भगवान की मूर्ति या चित्र के सामने बैठकर श्रद्धा से ध्यान करें और निम्न मंत्र का जाप करें।

मंत्र:

ध्यानयेत् सत्यं गुणातीतं गुणत्रयसमन्वितम्।
लोकनाथं त्रिलोकेशं कौस्तुभाभरणं हरिम्॥
नीलवर्णं पीतवस्त्रं श्रीवत्सपदभूषितम्।
गोविन्दं गोकुलानन्दं ब्रह्माद्यैरपि पूजितम्॥


2. आवाहनम्

ध्यान के बाद भगवान का आवाहन करें। दोनों हथेलियाँ जोड़कर आवाहन मुद्रा बनाएं और निम्न मंत्र बोलें।

मंत्र:

दामोदर समागच्छ लक्ष्म्या सह जगत्पते।
इमां मया कृतां पूजां गृहाण सुरसत्तम॥
ॐ श्री सत्यनारायणाय नमः आवाहयामि॥


3. आसनम्

भगवान को आसन अर्पित करें। पाँच पुष्प अर्पित करें।

मंत्र:

नानारत्नसमायुक्तं स्वर्णसिंहासनं शुभम्।
आसनं देवदेवेश! प्रीत्यर्थं प्रतिगृह्यताम्॥
ॐ श्री सत्यनारायणाय नमः आसनं समर्पयामि॥


4. पाद्यं

भगवान के चरणों के लिए जल अर्पित करें।

मंत्र:

नारायण नमस्तेऽस्तु नरकार्णवतारक।
पाद्यं गृहाण देवेश! मम सौख्यं विवर्धय॥
ॐ श्री सत्यनारायणाय नमः पाद्यं समर्पयामि॥


5. अर्घ्यम्

भगवान को अर्घ्य अर्पित करें।

मंत्र:

व्यक्ताव्यक्तस्वरूपाय हृषीकेशाय नमः।
मया निवेदितो भक्त्या अर्घ्योऽयं प्रतिगृह्यताम्॥
ॐ श्री सत्यनारायणाय नमः अर्घ्यं समर्पयामि॥


6. आचमनीयम्

भगवान को आचमन हेतु जल अर्पित करें।

मंत्र:

मन्दाकिन्यास्तु यद्वारि सर्वपापहरं शुभम्।
तदिदं कल्पितं देव आचम्यतां मया विभो॥
ॐ श्री सत्यनारायणाय नमः आचमनीयं समर्पयामि॥


7. पंचामृत स्नानम्

दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से पंचामृत स्नान कराएँ।

मंत्र:

स्नानं पंचामृतैर्देव गृहाण सुरसत्तम।
अनन्तनाथ सर्वज्ञ! स्नानार्थं प्रतिगृह्यताम्॥
ॐ श्री सत्यनारायणाय नमः पंचामृत स्नानं समर्पयामि॥


8. शुद्धोदक स्नानम्

अब शुद्ध जल से स्नान कराएँ।

मंत्र:

नानातीर्थसमायुक्तं सर्वपापहरं शुभम्।
तदिदं कल्पितं देव स्नानार्थं प्रतिगृह्यताम्॥
ॐ श्री सत्यनारायणाय नमः शुद्धोदक स्नानं समर्पयामि॥


9. वस्त्र

भगवान को नए वस्त्र अर्पित करें।

मंत्र:

शीतवातोष्णसंरक्षणं लज्जारक्षणकारणम्।
वस्त्रं गृहाण देवेश! प्रीत्यर्थं प्रतिगृह्यताम्॥
ॐ श्री सत्यनारायणाय नमः वस्त्रयुग्मं समर्पयामि॥


10. यज्ञोपवीतम्

भगवान को जनेऊ अर्पित करें।

मंत्र:

ब्रह्मविष्णुमहेशैश्च निर्मितं सूत्रमुत्तमम्।
गृहाण भगवान् विष्णो! सर्वेष्टफलदं भव॥
ॐ श्री सत्यनारायणाय नमः यज्ञोपवीतं समर्पयामि॥


11. चन्दनम्

भगवान को चन्दन अर्पित करें।

मंत्र:

श्रीखण्डचन्दनं दिव्यं गन्धानां सुमनोहरम्।
विलेपनं सुरश्रेष्ठ! चन्दनं प्रतिगृह्यताम्॥
ॐ श्री सत्यनारायणाय नमः चन्दनं समर्पयामि॥


12. पुष्पम्

भगवान को पुष्प अर्पित करें।

मंत्र:

माल्यादीनि सुगन्धीनि मालत्यादीनि प्रभो।
मया हृतानि पुष्पाणि पूजार्थं प्रतिगृह्यताम्॥
ॐ श्री सत्यनारायणाय नमः पुष्पं समर्पयामि॥


13. धूपम्

धूप अर्पित करें।

मंत्र:

वनस्पतिरसोद्भूतं गन्धाढ्यं गन्ध उत्तमम्।
आघ्रेयः सर्वदेवानां धूपोऽयं प्रतिगृह्यताम्॥
ॐ श्री सत्यनारायणाय नमः धूपं समर्पयामि॥


14. दीपम्

घी का दीप अर्पित करें।

मंत्र:

साज्यं च वर्तिसंयुक्तं वह्निना योजितं मया।
दीपं गृहाण देवेश! मम सौख्यप्रदो भव॥
ॐ श्री सत्यनारायणाय नमः दीपं दर्शयामि॥


15. नैवेद्यम्

भगवान को भोग अर्पित करें।

मंत्र:

घृतपक्वं हविष्यन्नं पायसं च सशर्करम्।
नानाविधं च नैवेद्यं गृहाण सुरसत्तम॥
ॐ श्री सत्यनारायणाय नमः नैवेद्यं निवेदयामि॥


16. ताम्बूलम्

पान-सुपारी अर्पित करें।

मंत्र:

लवङ्गकर्पूरसंयुक्तं ताम्बूलं प्रतिगृह्यताम्।
एलाचूर्णसमायुक्तं प्रीत्यर्थं प्रतिगृह्यताम्॥
ॐ श्री सत्यनारायणाय नमः ताम्बूलं समर्पयामि॥


17. फलम्

भगवान को फल अर्पित करें।

मंत्र:

इदं फलम् मया देव स्थाप्यते पुरतस्तव।
तेन मे सफलावाप्तिर्भवेत् जन्मनि जन्मनि॥
ॐ श्री सत्यनारायणाय नमः फलं समर्पयामि॥


18. आरती

कपूर या घी का दीप जलाकर आरती करें।

मंत्र:

चतुर्वर्तिसमायुक्तं घृतपूर्णं सुपूरितम्।
आरार्तिक्यं मया दत्तं गृहाण वरदो भव॥
ॐ श्री सत्यनारायणाय नमः मंगलारार्तिक्यं समर्पयामि॥


19. प्रदक्षिणा

भगवान की प्रदक्षिणा करें।

मंत्र:

यानि कानि च पापानि जन्मान्तरकृतानि च।
तानि तानि विनश्यन्ति प्रदक्षिणा पदे पदे॥
ॐ श्री सत्यनारायणाय नमः प्रदक्षिणां समर्पयामि॥


20. मन्त्र पुष्पांजलि

अंत में पुष्प अर्पित करें।

मंत्र:

यन्मया भक्तियुक्तेन पत्रं पुष्पं फलं जलम्।
निवेदितं च नैवेद्यं तद् गृहाणानुकम्पया॥
मन्त्रहीनं क्रियाहीनं भक्तिहीनं जनार्दन।
यत्पूजितं मया देव परिपूर्णं तदस्तु मे॥

अनया पूजया श्रीसत्यनारायणः प्रीयताम्॥

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