Neem Karoli Baba Vinay Chalisa | विनय चालीसा – नीम करोली बाबा

Neem Karoli Baba Vinay Chalisa lyrics in Hindi with Neeb Karori Baba image

विनय चालीसा – नीम करोली बाबा भक्तों द्वारा श्रद्धा, विनम्रता और पूर्ण समर्पण के भाव से की जाने वाली एक पावन प्रार्थना है। Neem Karoli Baba को हनुमान जी का परम भक्त, प्रेम, करुणा और निष्काम सेवा का साक्षात प्रतीक माना जाता है। बाबा नीम करोली की विनय चालीसा उनके चरणों में दीनभाव से कृपा की याचना और आत्मिक शांति की कामना का माध्यम है।

नीम करोली बाबा का जन्म उत्तर भारत में माना जाता है और वे साधारण जीवन जीते हुए भी असाधारण आध्यात्मिक शक्ति के लिए प्रसिद्ध हुए। बाबा ने कभी स्वयं को गुरु घोषित नहीं किया, बल्कि वे स्वयं को हनुमान जी का सेवक मानते थे। उनके जीवन का मुख्य संदेश था — प्रेम करो, सेवा करो और सभी को भगवान का रूप समझो

बाबा नीम करोली ने अपने जीवन में अनेक चमत्कार किए, परंतु वे चमत्कारों से अधिक भक्ति, विश्वास और करुणा पर ज़ोर देते थे। उत्तराखंड स्थित Kainchi Dham उनका प्रमुख आश्रम है, जहाँ आज भी लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। बाबा के भक्तों में भारत ही नहीं, विदेशों में भी अनेक प्रसिद्ध व्यक्तित्व शामिल रहे हैं।

नियमपूर्वक Neem Karoli Baba Vinay Chalisa का पाठ करने से मन की अशांति दूर होती है, अहंकार का क्षय होता है और गुरु कृपा से जीवन में सकारात्मक दिशा प्राप्त होती है। यह चालीसा विशेष रूप से उन भक्तों के लिए उपयोगी मानी जाती है जो धैर्य, विश्वास और भक्ति मार्ग पर आगे बढ़ना चाहते हैं।

Neem Karoli Baba – Vinay Chalisa Lyrics

(विनय चालीसा – नीम करोली बाबा)

॥ दोहा ॥

मैं हूँ बुद्धि मलिन अति,
श्रद्धा भक्ति विहीन।
करूँ विनय कछु आपकी,
हो सब ही विधि दीन॥


॥ चौपाई ॥

जय जय नीब करोली बाबा।
कृपा करहु आवै सद्भावा॥

कैसे मैं तव स्तुति बखानूँ।
नाम ग्राम कछु मैं नहीं जानूँ॥

जापे कृपा दृष्टि तुम करहु।
रोग शोक दुःख दारिद हरहु॥

तुम्हरो रूप लोग नहीं जानैं।
जापै कृपा करहु सोई भानै॥

करि दे अर्पण सब तन-मन-धन।
पावै सुख अलौकिक सोई जन॥

दरस-परस प्रभु जो तव करई।
सुख-संपत्ति तिनके घर भरई॥

जय जय संत भक्त सुखदायक।
ऋद्धि-सिद्धि सब संपत्ति दायक॥

तुम ही विष्णु, राम, श्री कृष्णा।
विचरत पूर्ण कारण हित तृष्णा॥

जय जय जय जय श्री भगवंता।
तुम हो साक्षात् हनुमंता॥

कही विभीषण ने जो बानी।
परम सत्य करि अब मैं मानी॥

बिनु हरि कृपा मिलहि नहीं संता।
सो करि कृपा करहि दुःख अंता॥

सोई भरोस मेरे उर आयो।
जा दिन प्रभु दर्शन मैं पायो॥

जो सुमिरै तुमको उर माहीं।
ताकी विपति नष्ट ह्वै जाहीं॥

जय जय जय गुरुदेव हमारे।
सबहि भाँति हम भये तिहारे॥

हम पर कृपा शीघ्र अब करहु।
परम शांति दे दुःख सब हरहु॥

रोग शोक दुःख सब मिट जावै।
जपै राम, रामहि को ध्यावै॥

जा विधि होई परम कल्याणा।
सोई सोई आप देहु वरदाना॥

सबहि भाँति हरि ही को पूजे।
राग-द्वेष द्वंदन सो जूझे॥

करै सदा संतन की सेवा।
तुम सब विधि सब लायक देवा॥

सब कुछ दे हमको निस्तारो।
भवसागर से पार उतारो॥

मैं प्रभु शरण तिहारी आयो।
सब पुण्यन को फल है पायो॥

जय जय जय गुरुदेव तुम्हारी।
बार-बार जाऊँ बलिहारी॥

सर्वत्र सदा घर-घर की जानो।
रूखो-सूखो ही नित खानो॥

भेष-वस्त्र है सादा ऐसे।
जाने नहीं कोउ साधु जैसे॥

ऐसी है प्रभु रहनी तुम्हारी।
वाणी कहो रहस्यमय भारी॥

नास्तिक हूँ आस्तिक ह्वै जावै।
जब स्वामी चेटक दिखलावै॥

सब ही धर्मन के अनुयायी।
तुम्हें मनावैं शीश झुकाई॥

नहीं कोउ स्वार्थ, नहीं कोउ इच्छा।
वितरण कर देउ भक्तन भिक्षा॥

केही विधि प्रभु मैं तुम्हें मनाऊँ।
जासो कृपा-प्रसाद तव पाऊँ॥

साधु-सुजन के तुम रखवारे।
भक्तन के हो सदा सहारे॥

दुष्टऊ शरण आनी जब परई।
पूरण इच्छा उनकी करई॥

यह संतन करि सहज सुभाऊ।
सुनी आश्चर्य करई जन काऊ॥

ऐसी करहु आप अब दाया।
निर्मल होई जाइ मन और काया॥

धर्म-कर्म में रुचि होई जावै।
जो जन नित तव स्तुति गावै॥

आवै सद्गुण तापे भारी।
सुख-संपत्ति सोई पावै सारी॥

होय तासु सब पूरन कामा।
अंत समय पावै विश्रामा॥

चारि पदारथ हैं जग माहीं।
तव कृपा-प्रसाद कछु दुर्लभ नाहीं॥

त्राहि त्राहि मैं शरण तिहारी।
हरहु सकल मम विपदा भारी॥

धन्य धन्य बड़ भाग्य हमारो।
पावै दरस-परस तव न्यारो॥

कर्महीन अरु बुद्धि विहीना।
तव प्रसाद कछु वर्णन कीन्हा॥


॥ दोहा ॥

श्रद्धा के यह पुष्प कछु,
चरणन धरी सँभार।
कृपासिंधु गुरुदेव प्रभु,
करी लीजै स्वीकार॥

❓ Neem Karoli Baba Vinay Chalisa – FAQs

1. Neem Karoli Baba Vinay Chalisa क्या है?

Neem Karoli Baba Vinay Chalisa एक भक्तिमय प्रार्थना है, जिसमें भक्त विनम्रता और श्रद्धा के साथ Neem Karoli Baba से कृपा, मार्गदर्शन और आंतरिक शांति की याचना करता है।


2. विनय चालीसा का पाठ क्यों किया जाता है?

विनय चालीसा का पाठ अहंकार त्यागकर गुरु के चरणों में पूर्ण समर्पण का भाव उत्पन्न करता है। इससे मन की अशांति, भय और संशय दूर होते हैं तथा विश्वास और धैर्य बढ़ता है।


3. नीम करोली बाबा विनय चालीसा का पाठ कब करना चाहिए?

इस चालीसा का पाठ प्रातःकाल या संध्या समय शांत वातावरण में करना श्रेष्ठ माना जाता है। मंगलवार और शनिवार को पाठ विशेष फलदायी माना जाता है।


4. विनय चालीसा के पाठ से क्या लाभ होते हैं?

इसके नियमित पाठ से मानसिक शांति, भक्ति में स्थिरता, नकारात्मक विचारों से मुक्ति और गुरु कृपा की अनुभूति होती है।


5. क्या महिलाएँ और बच्चे विनय चालीसा का पाठ कर सकते हैं?

हाँ, महिलाएँ और बच्चे पूर्ण श्रद्धा के साथ विनय चालीसा का पाठ कर सकते हैं। यह सभी आयु वर्ग के भक्तों के लिए उपयुक्त है।


6. क्या नीम करोली बाबा को हनुमान जी का अवतार माना जाता है?

कई भक्त नीम करोली बाबा को हनुमान जी की कृपा या स्वरूप मानते हैं। स्वयं बाबा ने सदैव हनुमान भक्ति और राम नाम जप पर ही ज़ोर दिया।


7. विनय चालीसा कितनी बार पढ़नी चाहिए?

सामान्यतः एक बार प्रतिदिन पाठ पर्याप्त होता है। विशेष साधना या संकट के समय 11 या 108 बार पाठ भी किया जाता है।


8. विनय चालीसा का पाठ कहाँ करना श्रेष्ठ होता है?

घर के पूजा स्थान या किसी शांत स्थान पर बैठकर दीपक जलाकर पाठ करना श्रेष्ठ माना जाता है। श्रद्धा और एकाग्रता सबसे महत्वपूर्ण है।

नीम करोली बाबा के जीवन, शिक्षाओं और कैंची धाम आश्रम से संबंधित प्रमाणिक जानकारी के लिए आप Neem Karoli Baba Ashram की आधिकारिक वेबसाइट भी देख सकते हैं।

Neem Karoli Baba Vinay Chalisa भक्तों के लिए एक अत्यंत पावन प्रार्थना है। Neem Karoli Baba Vinay Chalisa का नियमित पाठ करने से मन में विनम्रता, श्रद्धा और गुरु कृपा का भाव उत्पन्न होता है। जो साधक श्रद्धा के साथ Neem Karoli Baba Vinay Chalisa का जप करता है, उसे मानसिक शांति और आंतरिक स्थिरता की अनुभूति होती है।

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