माघ गुप्त नवरात्रि पूजन विधि | Magh Gupt Navratri Pujan Vidhi

माघ गुप्त नवरात्रि पूजन विधि – माँ दुर्गा की गुप्त साधना

हिंदू धर्म में माघ गुप्त नवरात्रि का विशेष आध्यात्मिक और तांत्रिक महत्व माना गया है। यह नवरात्रि माघ मास के शुक्ल पक्ष में आती है और इसे “गुप्त” इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसमें साधना, जप और पूजन गुप्त रूप से किया जाता है। यह नवरात्रि विशेष रूप से सिद्धि, साधना और शक्ति उपासना के लिए अत्यंत फलदायी मानी जाती है।

माघ गुप्त नवरात्रि के दौरान साधक माँ दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना करते हैं और विशेष मंत्र-जप, हवन तथा पूजन विधि का पालन करते हैं। शास्त्रों के अनुसार इस नवरात्रि में श्रद्धा और नियमपूर्वक की गई पूजा से साधक को आध्यात्मिक बल, मानसिक शांति और माँ दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

माघ मास में आने वाली गुप्त नवरात्रि की पूजा का विशेष महत्व माना गया है। इस पावन साधना के माध्यम से साधक को न केवल माँ दुर्गा के सभी स्वरूपों का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है, बल्कि घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास भी होता है। गुप्त नवरात्रि में की गई श्रद्धापूर्ण पूजा साधक को आध्यात्मिक बल और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती है।
आइए जानते हैं गुप्त नवरात्रि की संपूर्ण पूजन विधि


गुप्त नवरात्रि की पूजा विधि और पूजन सामग्री

पूजन सामग्री

  • माँ दुर्गा की मूर्ति या चित्र
  • दीपक
  • बत्ती
  • तेल या घी
  • रोली
  • चावल (अक्षत)
  • कुमकुम
  • गंध
  • हल्दी
  • फूल
  • फल
  • नैवेद्य
  • कलश
  • आरती की थाली
  • नारियल, सुपारी, पान, इलायची, लौंग

माघ गुप्त नवरात्रि पूजन विधि

  1. नवरात्रि के प्रथम दिन घर के मुख्य द्वार के दोनों ओर स्वस्तिक चिन्ह बनाएं।
  2. इसके बाद आम या अशोक के पत्तों की माला द्वार पर लगाएं। ऐसा करने से माँ दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
  3. कलश स्थापना के समय प्रातः और सायंकाल माँ दुर्गा के मंत्र, चालीसा अथवा दुर्गा सप्तशती का पाठ अवश्य करें।
  4. नवरात्रि के पहले दिन लकड़ी की चौकी या आसन पर स्वस्तिक चिन्ह बनाकर देवी माँ की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
  5. संध्या के समय देवी माँ के सामने मिट्टी के पात्र में जौ बोएं। धार्मिक मान्यता के अनुसार जौ सुख-समृद्धि और शुभता का प्रतीक है।
  6. कलश स्थापना के पश्चात रोली, अक्षत, लाल फूल, मौली आदि अर्पित करें और माँ दुर्गा के मंत्रों का जाप करते हुए विधिवत पूजा करें।
  7. अब देवी माँ के समक्ष अखंड दीपक प्रज्वलित करें और ध्यान रखें कि नवरात्रि के सभी दिनों तक यह अखंड ज्योत प्रज्वलित रहे।
  8. अंत में माँ दुर्गा की आरती करें और लौंग, बताशे, फल आदि का भोग अर्पित करें।

इस प्रकार विधिपूर्वक माघ गुप्त नवरात्रि की पूजा करने से माँ दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि का संचार होता है।

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