Surya Raksha Kavach Path (सूर्य रक्षा कवच पाठ) भगवान सूर्यदेव को समर्पित एक अत्यंत प्रभावशाली रक्षा स्तोत्र है। सूर्यदेव को ऊर्जा, स्वास्थ्य, तेज, आत्मबल और जीवन शक्ति का परम स्रोत माना गया है। इस कवच पाठ का नियमित जप साधक को नकारात्मक प्रभावों, रोगों और सूर्य ग्रह से जुड़ी बाधाओं से रक्षा प्रदान करता है।
सूर्य रक्षा कवच विशेष रूप से प्रातःकाल सूर्योदय के समय, रविवार, रथ सप्तमी तथा सूर्य ग्रह की दशा-महादशा में अत्यंत फलदायी माना जाता है। यह पाठ एक दिव्य सुरक्षा कवच के रूप में कार्य करता है, जो शरीर और मन दोनों को सशक्त बनाता है और जीवन में आत्मविश्वास व सकारात्मकता का संचार करता है।
इस पोस्ट में आप Surya Raksha Kavach Path के शुद्ध लिरिक्स, पाठ-विधि और इससे होने वाले आध्यात्मिक लाभों को सरल भाषा में जान पाएँगे।
सूर्य रक्षा कवच पाठ
Surya Raksha Kavach Path (Hindi Lyrics with Meaning)
याज्ञवल्क्य उवाच
श्रुणुष्व मुनिशार्दूल सूर्यस्य कवचं शुभम् ।
शरीरारोग्यदं दिव्यं सर्वसौभाग्यदायकम् ॥1॥
अर्थ (भावार्थ):
याज्ञवल्क्य जी बोले— हे मुनिश्रेष्ठ! सूर्यदेव के इस मंगलमय कवच को ध्यानपूर्वक सुनो। यह दिव्य कवच शरीर को निरोगी रखने वाला और सभी प्रकार का सौभाग्य प्रदान करने वाला है।
देदीप्यमानं मुकुटं स्फुरन्मकरकुण्डलम् ।
ध्यात्वा सहस्रकिरणं स्तोत्रमेतत् समुच्चरेत् ॥2॥
अर्थ (भावार्थ):
जो तेजस्वी मुकुट और चमकते मकराकृति कुंडल धारण किए हुए, सहस्र किरणों से प्रकाशित सूर्यदेव का ध्यान करके इस स्तोत्र का पाठ करता है, उसे विशेष पुण्य प्राप्त होता है।
शिरो मे भास्करः पातु ललाटं मेऽमितद्युतिः ।
नेत्रे दिनमणिः पातु श्रवणे वासरेश्वरः ॥3॥
अर्थ (भावार्थ):
मेरे मस्तक की रक्षा भास्कर करें, ललाट की रक्षा अपरिमित तेज वाले सूर्य करें, नेत्रों की रक्षा दिनमणि करें तथा कानों की रक्षा वासरेश्वर करें।
घ्राणं धर्मघृणिः पातु वदनं वेदवाहनः ।
जिह्वां मे मानदः पातु कण्ठं मे सुरवन्दितः ॥4॥
अर्थ (भावार्थ):
मेरी नासिका की रक्षा धर्मघृणि करें, मुख की रक्षा वेदवाहन सूर्य करें, जिह्वा की रक्षा मानद और कंठ की रक्षा देवताओं द्वारा वंदित सूर्यदेव करें।
सूर्यरक्षात्मकं स्तोत्रं लिखित्वा भूर्जपत्रके ।
दधाति यः करे तस्य वशगाः सर्वसिद्धयः ॥5॥
अर्थ (भावार्थ):
जो व्यक्ति इस सूर्य रक्षा कवच को भोजपत्र पर लिखकर अपने पास या हाथ में धारण करता है, उसकी सभी सिद्धियाँ उसके वश में हो जाती हैं।
सुस्नातो यो जपेत् सम्यगुदिते स्वस्थमानसः ।
स रोगमुक्तो दीर्घायुः सुखं पुष्टिं च विन्दति ॥6॥
अर्थ (भावार्थ):
जो व्यक्ति स्नान करके, शांत और एकाग्र मन से प्रातःकाल सूर्य उदय के समय इसका जप करता है, वह रोगों से मुक्त होकर दीर्घायु, सुख और उत्तम स्वास्थ्य प्राप्त करता है।
❓ FAQs
1. Surya Raksha Kavach Path क्या है?
यह भगवान सूर्यदेव को समर्पित एक रक्षा-कवच पाठ है, जो स्वास्थ्य, तेज और नकारात्मक प्रभावों से सुरक्षा के लिए किया जाता है।
2. Surya Raksha Kavach Path कब करना चाहिए?
प्रातःकाल सूर्योदय के समय, रविवार, रथ सप्तमी या सूर्य ग्रह की दशा/महादशा में इसका पाठ शुभ माना जाता है।
3. Surya Raksha Kavach के क्या लाभ हैं?
नियमित पाठ से स्वास्थ्य में सुधार, आत्मविश्वास, सकारात्मक ऊर्जा और सूर्य ग्रह से जुड़ी बाधाओं में शांति मिलती है।
4. क्या Surya Raksha Kavach Path घर पर किया जा सकता है?
हाँ, इसे घर पर सूर्यदेव के चित्र के सामने श्रद्धा और शुद्ध मन से किया जा सकता है।
5. Surya Raksha Kavach और Surya Stotra में क्या अंतर है?
Raksha Kavach सुरक्षा और दोष-निवारण पर केंद्रित होता है, जबकि Stotra स्तुति और कृपा-प्राप्ति पर।



