7 Powerful Benefits of Shri Tulsi Stotram Lyrics | श्री तुलसी स्तोत्र

Shri Tulsi Stotram Lyrics in Hindi and English

Shri Tulsi Stotram हिंदू धर्म में माँ तुलसी की महिमा का अत्यंत पवित्र और प्रभावशाली स्तोत्र है। तुलसी माता को भगवान विष्णु की परम प्रिय और साक्षात लक्ष्मी स्वरूपा माना गया है। इस स्तोत्र का नियमित पाठ घर में शुद्धता, सकारात्मक ऊर्जा और विष्णु कृपा को आकर्षित करता है।

श्री तुलसी स्तोत्र का पाठ विशेष रूप से प्रातःकाल, एकादशी, गुरुवार और तुलसी विवाह के अवसर पर अत्यंत फलदायी माना जाता है। यह स्तोत्र मन को शांत करता है, नकारात्मकता को दूर करता है और भक्त को धर्म, भक्ति और सदाचार के मार्ग पर आगे बढ़ाता है।

इस पोस्ट में आप Shri Tulsi Stotram Lyrics को शुद्ध रूप में पढ़ेंगे और इसके आध्यात्मिक लाभों को सरल भाषा में समझ पाएँगे।

तुलसी स्तोत्र लिरिक्स

(Tulsi Stotra Lyrics in Hindi)

जगद्धात्रि नमस्तुभ्यं विष्णोश्च प्रियवल्लभे ।
यतो ब्रह्मादयो देवाः सृष्टिस्थित्यन्तकारिणः ॥1॥

नमस्तुलसि कल्याणि नमो विष्णुप्रिये शुभे ।
नमो मोक्षप्रदे देवि नमः सम्पत्प्रदायिके ॥2॥

तुलसी पातु मां नित्यं सर्वापद्भ्योऽपि सर्वदा ।
कीर्तिताऽपि स्मृता वापि पवित्रयति मानवम् ॥3॥

नमामि शिरसा देवीं तुलसीं विलसत्तनुम् ।
यां दृष्ट्वा पापिनो मर्त्या मुच्यन्ते सर्वकिल्बिषात् ॥4॥

तुलस्या रक्षितं सर्वं जगदेतच्चराचरम् ।
या विनिहन्ति पापानि दृष्ट्वा वा पापिभिर्नरैः ॥5॥

नमस्तुलस्यतितरां यस्यै बद्ध्वाञ्जलिं कलौ ।
कलयन्ति सुखं सर्वं स्त्रियो वैश्यास्तथाऽपरे ॥6॥

तुलस्या नापरं किञ्चिद् दैवतं जगतीतले ।
यथा पवित्रितो लोको विष्णुसङ्गेन वैष्णवः ॥7॥

तुलस्याः पल्लवं विष्णोः शिरस्यारोपितं कलौ ।
आरोपयति सर्वाणि श्रेयांसि वरमस्तके ॥8॥

तुलस्यां सकला देवा वसन्ति सततं यतः ।
अतस्तामर्चयेल्लोके सर्वान् देवान् समर्चयन् ॥9॥

नमस्तुलसि सर्वज्ञे पुरुषोत्तमवल्लभे ।
पाहि मां सर्वपापेभ्यः सर्वसम्पत्प्रदायिके ॥10॥

इति स्तोत्रं पुरा गीतं पुण्डरीकेण धीमता ।
विष्णुमर्चयता नित्यं शोभनैस्तुलसीदलैः ॥11॥

तुलसी श्रीर्महालक्ष्मीर्विद्याविद्या यशस्विनी ।
धर्म्या धर्मानना देवी देवीदेवमनःप्रिया ॥12॥

लक्ष्मीप्रियसखी देवी द्यौर्भूमिरचला चला ।
षोडशैतानि नामानि तुलस्याः कीर्तयन्नरः ॥13॥

लभते सुतरां भक्तिमन्ते विष्णुपदं लभेत् ।
तुलसी भूर्महालक्ष्मीः पद्मिनी श्रीर्हरिप्रिया ॥14॥

तुलसि श्रीसखि शुभे पापहारिणि पुण्यदे ।
नमस्ते नारदनुते नारायणमनःप्रिये ॥15॥

श्री पुण्डरीककृतं तुलसीस्तोत्रं सम्पूर्णम्

Tulsi Stotram Lyrics in English

Jagaddhātri namastubhyaṁ viṣṇoś ca priyavallabhe
Yato brahmādayo devāḥ sṛṣṭi-sthiti-antakāriṇaḥ ॥1॥

Namastulasi kalyāṇi namo viṣṇupriye śubhe
Namo mokṣaprade devi namaḥ sampatpradāyike ॥2॥

Tulasī pātu māṁ nityaṁ sarvāpadbhyo’pi sarvadā
Kīrtitā’pi smṛtā vā’pi pavitrayati mānavam ॥3॥

Namāmi śirasā devīṁ tulasīṁ vilasattanum
Yāṁ dṛṣṭvā pāpino martyā mucyante sarva-kilbiṣāt ॥4॥

Tulasyā rakṣitaṁ sarvaṁ jagad etac carācaram
Yā vinihanti pāpāni dṛṣṭvā vā pāpibhir naraiḥ ॥5॥

Namastulasy atitarāṁ yasyai baddhvāñjaliṁ kalau
Kalayanti sukhaṁ sarvaṁ striyo vaiśyās tathā’pare ॥6॥

Tulasyā nāparaṁ kiñcid daivataṁ jagatītale
Yathā pavitrito loko viṣṇu-saṅgena vaiṣṇavaḥ ॥7॥

Tulasyāḥ pallavaṁ viṣṇoḥ śirasy āropitaṁ kalau
Āropayati sarvāṇi śreyāṁsi vara-mastake ॥8॥

Tulasyāṁ sakalā devā vasanti satataṁ yataḥ
Atas tām arcayel loke sarvān devān samarcayan ॥9॥

Namastulasi sarvajñe puruṣottama-vallabhe
Pāhi māṁ sarva-pāpebhyaḥ sarva-sampatpradāyike ॥10॥

Iti stotraṁ purā gītaṁ puṇḍarīkeṇa dhīmatā
Viṣṇum arcayatā nityaṁ śobhanais tulasī-dalaiḥ ॥11॥

Tulasī śrīr mahālakṣmīr vidyā’vidyā yaśasvinī
Dharmyā dharmānanā devī devadeva-manaḥpriyā ॥12॥

Lakṣmī-priyasakhī devī dyaur bhūmir acalā calā
Ṣoḍaśaitāni nāmāni tulasyāḥ kīrtayan naraḥ ॥13॥

Labhate sutarāṁ bhaktim ante viṣṇu-padaṁ labhet
Tulasī bhūr mahālakṣmīḥ padminī śrīr haripriyā ॥14॥

Tulasī śrīsakhi śubhe pāpahāriṇi puṇyade
Namaste nāradanute nārāyaṇa-manaḥpriye ॥15॥

Śrī Puṇḍarīka-kṛtaṁ Tulasī Stotram

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❓ FAQs

1. Shri Tulsi Stotram क्या है?

यह माँ तुलसी की स्तुति में रचित पवित्र स्तोत्र है, जो शुद्धता, भक्ति और भगवान विष्णु की कृपा के लिए पढ़ा जाता है।


2. Tulsi Stotram का पाठ कब करना चाहिए?

प्रातःकाल, एकादशी, गुरुवार, तुलसी पूजा और तुलसी विवाह के दिन इसका पाठ विशेष फलदायी माना जाता है।


3. Shri Tulsi Stotram के क्या लाभ हैं?

इसके नियमित पाठ से घर में सकारात्मक ऊर्जा, मानसिक शांति, पवित्रता और विष्णु कृपा प्राप्त होती है।


4. क्या Tulsi Stotram घर पर पढ़ा जा सकता है?

हाँ, इसे घर पर तुलसी वृंदावन या तुलसी पौधे के सामने श्रद्धा से पढ़ा जा सकता है।


5. Tulsi Mata का महत्व क्या है?

तुलसी माता को भगवान विष्णु की परम प्रिय और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है।

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