Introduction
श्री हनुमान द्वादश नाम स्तोत्रम् भगवान हनुमान के बारह पवित्र नामों का अत्यंत प्रभावशाली स्तोत्र है। यह स्तोत्र हनुमान जी की शक्ति, बुद्धि, भक्ति और संरक्षण का स्मरण कराता है। मान्यता है कि इसके नियमित पाठ से भय, रोग, नकारात्मक ऊर्जा और बाधाओं से रक्षा होती है तथा साधक को बल, साहस और आत्मविश्वास की प्राप्ति होती है।
Shri Hanuman Dwadash Naam Stotram का पाठ विशेष रूप से मंगलवार, शनिवार और हनुमान जयंती के दिन अत्यंत फलदायी माना जाता है। यह स्तोत्र भक्त के जीवन में स्थिरता, सकारात्मकता और हनुमान जी की विशेष कृपा प्रदान करता है।
Hanuman Dwadash Naam Stotram in Hindi
श्री हनुमान द्वादश नाम स्तोत्रम्
॥ श्री हनुमान द्वादश नाम स्तोत्रम् ॥
हनुमानञ्जनीसूनुर्वायुपुत्रो महाबलः ।
रामेष्टः फाल्गुनसखः पिङ्गाक्षोऽमितविक्रमः ॥
उदधिक्रमणश्चैव सीताशोकविनाशनः ।
लक्ष्मणप्राणदाता च दशग्रीवस्य दर्पहा ॥
एवं द्वादश नामानि कपीन्द्रस्य महात्मनः ।
स्वापकाले प्रबोधे च यात्राकाले च यः पठेत् ॥
तस्य सर्वभयं नास्ति रणे च विजयी भवेत् ।
राजद्वारे गह्वरे च भयं नास्ति कदाचन ॥
हनुमान जी के 12 नाम
- हनुमान
- अञ्जनीपुत्र
- वायुपुत्र
- महाबल
- रामेष्ट
- फाल्गुनसख
- पिङ्गाक्ष
- अमितविक्रम
- उदधिक्रमण
- सीताशोकविनाशन
- लक्ष्मणप्राणदाता
- दशग्रीवस्य दर्पहा
Hanuman Dwadash Naam Stotram in English
Shri Hanuman Dwadash Naam Stotram
॥ Hanuman Dwadash Naam Stotram ॥
Hanumananjanisoonur Vayuputro Mahabalah ।
Rameshtah Phalgunasakhah Pingaksho Amitavikramah ॥
Udadhikramanashchaiva Sitashokavinashanah ।
Lakshmanapranadata Cha Dashagrivasy Darpaha ॥
Evam Dwadash Namani Kapindrasy Mahatmanah ।
Swapakale Prabodhe Cha Yatrakale Cha Yah Pathet ॥
Tasya Sarvabhayam Nasti Rane Cha Vijayi Bhavet ।
Rajadware Gahvare Cha Bhayam Nasti Kadachan ॥
Hanuman Ji Ke 12 Names
- Hanuman
- Anjaniputra
- Vayuputra
- Mahabal
- Rameshta
- Phalgunasakha
- Pingaksha
- Amitavikrama
- Udadhikramana
- Sitashokavinashana
- Lakshmanapranadata
- Dashagrivasy Darpaha
❓ FAQs – Shri Hanuman Dwadash Naam Stotram
Q1. श्री हनुमान द्वादश नाम स्तोत्रम् क्या है?
यह स्तोत्र भगवान हनुमान के बारह पवित्र नामों का पाठ है, जो भय नाश और संरक्षण प्रदान करता है।
Q2. Hanuman Dwadash Naam Stotram कब पढ़ना चाहिए?
प्रातःकाल, मंगलवार, शनिवार और यात्रा के समय इसका पाठ विशेष फलदायी माना जाता है।
Q3. इस स्तोत्र के पाठ से क्या लाभ होते हैं?
भय से मुक्ति, विजय, आत्मबल और हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है।
Q4. क्या यह स्तोत्र सभी लोग पढ़ सकते हैं?
हाँ, श्रद्धा रखने वाला कोई भी भक्त इसका पाठ कर सकता है।
Q5. हनुमान जी के 12 नाम क्यों प्रसिद्ध हैं?
इन नामों में हनुमान जी के बल, भक्ति, पराक्रम और संरक्षण शक्ति का वर्णन है।



