दीप प्रज्वलन मंत्र
✨ Introduction
दीप प्रज्वलन मंत्र (Shubham Karoti Kalyanam Aarogyam) एक अत्यंत शुभ और मंगलकारी मंत्र है, जिसे दीपक जलाते समय उच्चारित किया जाता है। यह मंत्र अंधकार से प्रकाश की ओर, अज्ञान से ज्ञान की ओर और अशांति से शांति की ओर ले जाने का प्रतीक है। मान्यता है कि दीप प्रज्वलन के साथ इस मंत्र का जप करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और देवी लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है।
यह मंत्र प्रातः पूजा, संध्या आरती, गृह प्रवेश, शुभ कार्यों और विशेष रूप से दीपावली के अवसर पर बहुत श्रद्धा से बोला जाता है।
🌿 Benefits of Deep Prajwalan Mantra
(दीप प्रज्वलन मंत्र के लाभ)
- घर और मन से नकारात्मकता का नाश
- सुख, समृद्धि और मंगल का आगमन
- मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा की वृद्धि
- स्वास्थ्य और आरोग्य में सहायक
- पूजा एवं आरती को पूर्णता और पवित्रता प्रदान करता है
- देवी लक्ष्मी और ईश्वर की कृपा प्राप्ति
Deep Prajwalan Mantra (Deep Mantra)
दीप प्रज्वलन मंत्र – शुभं करोति कल्याणम् आरोग्यम्
🔸 Deep Prajwalan Mantra (Sanskrit)
शुभं करोति कल्याणं
आरोग्यं धनसंपदा ।
शत्रुबुद्धिविनाशाय
दीपकाय नमोऽस्तुते ॥
दीपो ज्योति परं ब्रह्म
दीपो ज्योतिर्जनार्दनः ।
दीपो हरतु मे पापं
संध्यादीप नमोऽस्तुते ॥
🔸 दीप प्रज्वलन मंत्र का अर्थ
यह दीप प्रज्वलन मंत्र उस पवित्र दीपक को नमन करता है, जो जीवन में शुभता और कल्याण लाता है।
यह मंत्र आरोग्य, धन-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति की कामना करता है।
दीप की ज्योति को परम ब्रह्म और भगवान विष्णु के दिव्य स्वरूप के रूप में माना गया है।
इस मंत्र के माध्यम से प्रार्थना की जाती है कि दीपक की पवित्र रोशनी हमारे पापों, अज्ञान और नकारात्मकता को दूर करे और जीवन को प्रकाशमय बनाए।
Diya (Lamp) in Hinduism – Wikipedia
❓ FAQs – Deep Prajwalan Mantra
Q1. दीप प्रज्वलन मंत्र क्या है?
यह मंत्र दीपक जलाते समय बोला जाता है, जो शुभता, आरोग्य और समृद्धि की कामना करता है।
Q2. Deep Prajwalan Mantra कब पढ़ना चाहिए?
प्रातः पूजा, संध्या आरती, दीपावली और किसी भी शुभ कार्य के समय।
Q3. इस मंत्र से क्या लाभ होते हैं?
सकारात्मक ऊर्जा, मानसिक शांति, स्वास्थ्य और धन-संपदा में वृद्धि।
Q4. क्या यह मंत्र सभी लोग पढ़ सकते हैं?
हाँ, कोई भी व्यक्ति श्रद्धा के साथ इस मंत्र का जप कर सकता है।
Q5. दीप जलाते समय मंत्र क्यों बोला जाता है?
ताकि दीप की ज्योति को दिव्य स्वरूप मानकर नमन किया जाए और नकारात्मकता दूर हो।



