Rudra Gayatri Mantra (रूद्र गायत्री मंत्र) भगवान शिव के रूद्र स्वरूप को समर्पित एक अत्यंत प्रभावशाली वैदिक मंत्र है। यह मंत्र साधक के जीवन से भय, नकारात्मक ऊर्जा और मानसिक अशांति को दूर करने में सहायक माना जाता है। रूद्र, शिव का उग्र एवं रक्षक रूप हैं, जो भक्तों के कष्टों का नाश कर उन्हें साहस, स्थिरता और आत्मिक शांति प्रदान करते हैं। नियमित रूप से Rudra Gayatri Mantra का जप करने से शिव कृपा प्राप्त होती है और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है।
Rudra Gayatri Mantra in Hindi
रूद्र गायत्री मंत्र
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे ।
महादेवाय धीमहि ।
तन्नो रुद्रः प्रचोदयात् ॥
Rudra Gayatri Mantra in English
Rudra Gayatri Mantra
Om Tatpurushaya Vidmahe,
Mahadevaya Dheemahi,
Tanno Rudrah Prachodayat ॥
रूद्र गायत्री मंत्र का अर्थ
ॐ — हम उस परम पुरुष, सर्वज्ञ और सर्वशक्तिमान प्रभु का स्मरण एवं आवाहन करते हैं।
हम उस महादेव का ध्यान करते हैं, जो सर्वोच्च और पूजनीय हैं।
हे रूद्र (भगवान शिव), आप हमें सद्बुद्धि, प्रेरणा और आध्यात्मिक मार्ग पर आगे बढ़ने की शक्ति प्रदान करें।
❓ FAQs – Rudra Gayatri Mantra
Q1. रूद्र गायत्री मंत्र क्या है?
रूद्र गायत्री मंत्र भगवान शिव के रूद्र स्वरूप को समर्पित एक वैदिक मंत्र है, जिसका जप भय, नकारात्मक ऊर्जा और मानसिक अशांति को दूर करने के लिए किया जाता है।
Q2. रूद्र गायत्री मंत्र का अर्थ क्या है?
इस मंत्र में भगवान रूद्र से सद्बुद्धि, प्रेरणा और आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान करने की प्रार्थना की जाती है।
Q3. Rudra Gayatri Mantra का जप कब करना चाहिए?
प्रातः ब्रह्म मुहूर्त, सोमवार, प्रदोष काल और महाशिवरात्रि के दिन इसका जप विशेष फलदायी माना जाता है।
Q4. रूद्र गायत्री मंत्र कितनी बार जपना चाहिए?
सामान्यतः 108 बार जप करने की परंपरा है, परंतु श्रद्धा अनुसार कम या अधिक भी किया जा सकता है।
Q5. क्या रूद्र गायत्री मंत्र सभी लोग जप सकते हैं?
हाँ, यह मंत्र बिना किसी भेदभाव के सभी श्रद्धालु भक्त जप सकते हैं।
Lord Shiva (Rudra) – Wikipedia



