श्री बालाजी चालीसा हिंदी – पूर्ण पाठ
श्री बालाजी महाराज को कलियुग के सबसे प्रभावशाली और शीघ्र फल देने वाले देवता माना जाता है। श्रद्धा और विश्वास के साथ श्री बालाजी चालीसा का पाठ करने से भक्तों के जीवन से भय, संकट, नकारात्मक ऊर्जा और मानसिक कष्ट दूर होते हैं। यह चालीसा भक्त को आत्मबल, साहस, भक्ति और प्रभु की विशेष कृपा प्रदान करती है।
नियमित रूप से प्रातः या संध्या के समय श्री बालाजी चालीसा का पाठ करने से मन को शांति मिलती है, कार्यों में सफलता आती है और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन अनुभव होता है। इस पावन चालीसा में प्रभु बालाजी की महिमा, शक्ति और करुणा का सुंदर वर्णन किया गया है।
इस पेज पर आप श्री बालाजी चालीसा हिंदी में पूर्ण पाठ सरल और शुद्ध शब्दों में पढ़ सकते हैं, जिससे आपका भक्ति अनुभव और भी गहरा हो सके।
श्री बालाजी चालीसा हिंदी एक अत्यंत प्रभावशाली स्तुति है, जिसका पाठ मेहंदीपुर बालाजी महाराज की विशेष कृपा प्राप्त करने हेतु किया जाता है।
।।दोहा।।
श्री गुरु चरण चितलाय के, धरें ध्यान हनुमान ।
बालाजी चालीसा लिखे, ओम स्नेही कल्याण ।।
विश्व विदित वरदानी, संकट हरण हनुमान ।
मेंहदीपुर में प्रगट भये, बालाजी भगवान ।।
।।चौपाई।।
जय हनुमान बालाजी देवा ।
प्रगट भये यहाँ तीनों देवा ।।
प्रेतराज भैरव बलवाना ।
कोतवाल कप्तानी हनुमाना ।।
मेंहदीपुर अवतार लिया है ।
भक्तों का उद्धार किया है ।।
बाल रूप प्रगटे हैं यहाँ पर ।
संकट वाले आते जहाँ पर ।।
डाकिनी शाकिनी अरु जिंदनी ।
मसान चुड़ैल भूत भूतनी ।।
जाके भय ते सब भग जाते ।
स्याने भोपे यहाँ घबराते ।।
चौकी बंधन सब कट जाते ।
दूत मिले आनंद मनाते ।।
सच्चा है दरबार तिहारा ।
शरण पड़े सुख पावे भारा ।।
रूप तेज बल अतुलित धामा ।
सम्मुख जिनके सिया रामा ।।
कनक मुकुट मणि तेज प्रकाशा ।
सबकी होवत पूर्ण आशा ।।
महंत गणेशपुरी गुणीले ।
भये सुसेवक राम रंगीले ।।
अद्भुत कला दिखाई कैसी ।
कलियुग ज्योति जलाई जैसी ।।
ऊँची ध्वजा पताका नभ में ।
स्वर्ण कलश है उन्नत जग में ।।
धर्म सत्य का डंका बाजे ।
सियाराम जय शंकर राजे ।।
आन फिराया मुद्गर घोटा ।
भूत जिंद पर पड़ते सोटा ।।
राम लखन सिया हृदय कल्याणा ।
बाल रूप प्रगटे हनुमाना ।।
जय हनुमंत हठीले देवा ।
पुरी परिवार करत है सेवा ।।
लड्डू चूरमा मिसरी मेवा ।
अर्जी दरखास्त लगाऊँ देवा ।।
दया करो सब विधि बालाजी ।
संकट हरण प्रगटे बालाजी ।।
जय बाबा की जन-जन उचारे ।
कोटिक जन तेरे आए द्वारे ।।
बाल समय रवि भक्षहि लीन्हा ।
तिमिरमय जग कीन्हो तीन्हा ।।
देवन विनती की अति भारी ।
छोड़ दियो रवि कष्ट निहारी ।।
लाँघि उदधि सिया सुधि लाए ।
लक्ष्मण हित संजीवन लाए ।।
रामानुज प्राण दिवाकर ।
शंकर सुवन माँ अंजनी चाकर ।।
केसरी नंदन दुख भव भंजन ।
रामानंद सदा सुख संजन ।।
सिया राम के प्राण पियारे ।
जय बाबा की भक्त उचारे ।।
संकट दुख भंजन भगवाना ।
दया करहु हे कृपा निधाना ।।
सुमिर बाल रूप कल्याणा ।
करे मनोरथ पूर्ण कामा ।।
अष्ट सिद्धि नव निधि दातारी ।
भक्त जन आवे बहु भारी ।।
मेवा अरु मिष्ठान प्रवीना ।
भेंट चढ़ावें धनि अरु दीना ।।
नृत्य करे नित न्यारे-न्यारे ।
ऋद्धि सिद्धियाँ जाके द्वारे ।।
अर्जी का आदर मिलते ही ।
भैरव भूत पकड़ते तब ही ।।
कोतवाल कप्तान कृपाणी ।
प्रेतराज संकट कल्याणी ।।
चौकी बंधन कटते भाई ।
जो जन करते हैं सेवकाई ।।
रामदास बाल भगवंता ।
मेंहदीपुर प्रगटे हनुमंता ।।
जो जन बालाजी में आते ।
जन्म-जन्म के पाप नशाते ।।
जल पावन लेकर घर जाते ।
निर्मल हो आनंद मनाते ।।
क्रूर कठिन संकट भग जावे ।
सत्य धर्म पथ राह दिखावे ।।
जो सत पाठ करे चालीसा ।
तापर प्रसन्न होय बागीसा ।।
कल्याण स्नेही स्नेह से गावे ।
सुख समृद्धि ऋद्धि सिद्धि पावे ।।
।।दोहा।।
मंद बुद्धि मम जानके, क्षमा करो गुणखान ।
संकट मोचन क्षमहु मम, “ओम” स्नेही कल्याण ।।
श्रद्धा के साथ श्री बालाजी चालीसा हिंदी पढ़ने से भय, नकारात्मक शक्तियाँ और मानसिक कष्ट दूर होते हैं।
🔹 Shri Balaji Chalisa (FAQs)
❓ श्री बालाजी चालीसा का पाठ कब करना चाहिए?
श्री बालाजी चालीसा का पाठ प्रातः ब्रह्म मुहूर्त, मंगलवार या शनिवार को करना अत्यंत फलदायी माना जाता है।
❓ क्या बालाजी चालीसा नकारात्मक शक्तियों से रक्षा करती है?
हाँ, श्रद्धा और नियमपूर्वक पाठ करने से भूत-प्रेत बाधा, भय और मानसिक कष्टों से मुक्ति मिलती है।
❓ श्री बालाजी चालीसा किस स्थान से संबंधित है?
श्री बालाजी चालीसा का विशेष संबंध मेहंदीपुर बालाजी धाम (राजस्थान) से माना जाता है।
❓ बालाजी चालीसा कितनी बार पढ़नी चाहिए?
सामान्यतः 1 बार या 7, 11 अथवा 21 दिनों तक निरंतर पाठ करना श्रेष्ठ फल देता है।
मेहंदीपुर बालाजी मंदिर की आधिकारिक जानकारी



