संकटा माता चालीसा मां दुर्गा के उग्र एवं करुणामयी स्वरूप मां संकटा की महिमा का पावन पाठ है। मां संकटा को संकटों का नाश करने वाली, भय से रक्षा करने वाली और भक्तों के कष्ट हरने वाली देवी माना जाता है। श्रद्धा और विश्वास के साथ Sankata Mata Chalisa का पाठ करने से जीवन की बाधाएँ दूर होती हैं और मन को शांति प्राप्त होती है।
विशेष रूप से मंगलवार और शनिवार के दिन मां संकटा की पूजा के साथ संकटा माता चालीसा का पाठ करने से भक्तों को संकटों से मुक्ति, नकारात्मक शक्तियों से रक्षा और कार्यों में सफलता का आशीर्वाद प्राप्त होता है। यह चालीसा भक्तों में साहस, धैर्य और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।
Sankata Mata Chalisa Lyrics (संकटा माता चालीसा)
॥ दोहा ॥
जगत जननि जगदंबिके, अरज सुनहु अब मोर।
बंदौं पद-युग नाइ सिर, विनय करौं कर जोर॥
॥ चौपाई ॥
जय जय जय संकटा भवानी, कृपा करहु मो पर महारानी।
हाथ खड्ग भृकुटि विकराला, अरुण नयन गल मुण्डमाला॥
कानन कुण्डल की छवि भारी, हिय हुलसे मन होत सुखारी।
केहरि वाहन है तव माता, कष्ट निवारो जन-जन त्राता॥
आयौं शरण तिहारी अम्बे, अभय करहु मोको जगदंबे।
शरण आई जो तुम्हिं पुकारा, बिन बिलंब तुम ताहि उबारा॥
भीर पड़ी भक्तन पर जब-जब, किया सहाय मात तुम तब-तब।
रक्तबीज दानव तुम मारे, शुम्भ-निशुम्भ के उदर विदारे॥
महिषासुर नृप अति बलबीरा, मारे मरे न अति रणधीरा।
करि संग्राम सकल सुर हारे, स्तुति करी तुम तुम्हिं पुकारे॥
प्रगट्यौ काली रूप में माता, सेन सहित तुम ताहि निपाता।
तेहि के बध सब देव हरषे, नभ दुन्दुभि सुमन बहु बरसे॥
रक्षा करहु दीन जन जानी, जय जय जगदंब भवानी।
सब जीवों की हो प्रतिपालक, जय जग जननी दनुज कुल घालक॥
सकल सुमन की जीवन दाता, संकट हरो हमारी माता।
संकट नाशक नाम तुम्हारा, सुयश तुम्हार सकल संसारा॥
सुर नर नाग असुर मुनि जेते, गावत गुणगान निशि-दिन तेते।
योगी निशिवासर तब ध्यावहिं, तदपि तुम्हार अंत न पावहिं॥
अतुल तेज मुख पर छवि सोहै, निरखि सकल सुर नर मुनि मोहै।
चरण कमल मैं शीश झुकाऊँ, पाहि-पाहि कहि नितहि मनाऊँ॥
नेति-नेति कहा वेद बखाना, शक्ति स्वरूप तुम्हार न जाना।
मैं मूरख किमि कहौं बखानी, नाम तुम्हारा अनेक भवानी॥
सुमिरत नाम कटै दुःख भारी, सत्य वचन यह वेद उचारी।
नाम तुम्हार लेत जो कोई, ताकौ भय संकट नाहीं होई॥
संकट आय परै जो कबहिं, नाम लेत बिनसत हैं तबहिं।
प्रेम सहित जो जपे हमेशा, ताके तन नहि रहे कलेशा॥
शरणागत होई जो जन आवैं, मनवांछित फल तुरतहि पावैं।
रणचंडी वन असुर संहारा, बंधन काटि कियौ छुटकारा॥
नाम सकल कलि कलुष नसावन, सुमिरत सिद्ध होय नर पावन।
षोडश पूजन करे जो कोई, इच्छित फल पावै नर सोई॥
जो नारी सिंदूर चढ़ावे, तासु सुहाग अचल हो जावे।
पुत्र हेतु जो पूजा करहिं, संतान-सुख निश्चय सो लहहिं॥
और कामना करे जो कोई, ताके घर सुख-संपत्ति होई।
निर्धन नर जो शरण में आवै, सो निश्चय धनवान कहावै॥
रोगी रोग मुक्त होइ जावै, तब चरणन को ध्यान लगावै।
सब सुख खानि तुम्हारी पूजा, एहि सम और उपाय न दूजा॥
पार करे संकटा चालीसा, तेहि पर कृपा करहिं गौरीसा।
पाठ करे अरु सुनै सुनावै, वाकौ सब संकट मिटि जावै॥
कहां तक महिमा कहौं तुम्हारी, हरहु बेगि मोहि संकट भारी।
मम कारज सब पूरन कीजै, दीन जननि मोहिं अभय कर दीजै॥
तोहि विनय करूं मैं बारंबारा, क्षमा करहु सब अपराध हमारा॥
॥ दोहा ॥
मातु संकटा नाम तव, संकट हरहु हमार।
होय प्रसन्न निज दास पर, लीजै मोहिं उबार॥
❓ Sankata Mata Chalisa FAQs
1. Sankata Mata Chalisa क्या है?
Sankata Mata Chalisa मां संकटा की स्तुति का पावन पाठ है। इसका पाठ करने से भक्तों के जीवन के संकट दूर होते हैं और मां संकटा की कृपा प्राप्त होती है।
2. संकटा माता चालीसा का पाठ कब करना चाहिए?
संकटा माता चालीसा का पाठ मंगलवार और शनिवार के दिन विशेष फलदायी माना जाता है। प्रातःकाल या संध्या समय श्रद्धा के साथ पाठ करना उत्तम होता है।
3. संकटा माता चालीसा के पाठ से क्या लाभ होते हैं?
इस चालीसा के पाठ से संकट निवारण, भय से मुक्ति, मानसिक शांति और कार्यों में सफलता प्राप्त होती है।
4. क्या महिलाएँ संकटा माता चालीसा का पाठ कर सकती हैं?
हाँ, महिलाएँ पूर्ण श्रद्धा और नियम के साथ संकटा माता चालीसा का पाठ कर सकती हैं। इससे गृहस्थ जीवन में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा आती है।
5. संकटा माता चालीसा कितनी बार पढ़नी चाहिए?
सामान्यतः प्रतिदिन एक बार या विशेष रूप से मंगलवार-शनिवार को पाठ पर्याप्त होता है। विशेष संकल्प के लिए 11 या 108 बार पाठ भी किया जाता है।
6. संकटा माता चालीसा का पाठ कहाँ करना श्रेष्ठ है?
घर के पूजा स्थल या किसी शांत स्थान पर दीपक जलाकर पाठ करना श्रेष्ठ माना जाता है।
7. संकटा माता चालीसा के साथ क्या अर्पण करना चाहिए?
पाठ के समय लाल फूल, सिंदूर, दीपक और नैवेद्य अर्पित करना शुभ माना जाता है।
8. क्या संकटा माता चालीसा मनोकामना पूर्ति में सहायक है?
हाँ, श्रद्धा और विश्वास के साथ किया गया संकटा माता चालीसा का पाठ मनोकामनाओं की पूर्ति में सहायक माना जाता है।
संकटा माता से संबंधित व्रत, तिथि और पंचांग की जानकारी के लिए आप Drik Panchang वेबसाइट भी देख सकते हैं।



